जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार में 25 नवंबर से अब तक विदेशों से 994 लोग लौटे हैं। जनवरी माह में 285 लोग लौट चुके हैं। इनमें से 168 लोग हाई रिस्क देशों से लौटे हैं। गौरतलब है कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन ने 17 देशों को हाई रिस्क देश बताया है। यानि इन 17 देशों में ओमिक्रोन के सर्वाधिक मामले मिले हैं। हिसार में 25 नवंबर के बाद नवंबर माह में कुल 72 लोग विदेश से लौटे थे। जबकि दिसंबर में 637 लोग विदेश से लौटे हैं। दिसंबर में यह सभी 636 लोग ट्रेस हुए थे।

गौरतलब है कि हिसार में विदेशों से लौटे लोगों में अब तक ओमिक्रोन के दो ही केस मिले हैं। जिनमें से एक 35 वर्षीय युवती और एक 35 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित मिले थे। इनमें से युवती आस्ट्रेलिया से और युवक दुबई से आया था। दोनों ने हिसार आकर निजी लैब से सैंपल करवाया था। रिपोर्ट में दोनों संक्रमित मिले थे। इन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया और इनके ओमिक्रोन के सैंपल भेजे थे। जिसमें दोनों पाजिटिव मिले थे। इसके बाद यह दोनों पांच दिन में स्वस्थ हो गए थे। जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी विदेशों से आने वाले लोगों की लगातार सर्विलांस की जा रही है। विदेश से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन किया जाता है। इसके बाद उनके सैंपल करवाए जाते हैं।

उनके सैंपल को पाजिटिव मिलने पर जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भी भेजा जाता है। अब विभाग ने क्वारंटाइन सात दिन का कर दिया है। जिसमें मरीज को स्वस्थ होने पर सात दिन के बाद ही डिस्चार्ज कर दिया जाता है। गौरतलब है कि जिले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चिकित्सक मानते हैं कि तीसरी लहर में कोरोना के जितने मामले मिले हैं। इनमें से अधिकतर मामले ओमिक्रोन के हो सकते हैं। क्योंकि टेस्टिंग नहीं हो रही इस कारण ओमिक्रोन के मामलों का पता नहीं लग पा रहा है।

लेकिन कहा जा रहा है कि यह ओमिक्रोन वायरस ही है। जिसमें मरीज जल्द स्वस्थ हो रहे है। इसमें गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं जबकि पहली और दूसरी लहर में कोरोना से संक्रमित होने वालों में अधिकतर को आक्सीजन और वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी थी। दूसरी लहर में तो कोरोना के सर्वाधिक मामले सामने आए थे।

Edited By: Manoj Kumar