यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिसार में 285 परिवारों की सांसों में घुल रहा जहर, शिकायतों के बाद भी निगम प्रशासन मौन
हिसार के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कैंप और राष्ट्रीय बीज निगम का है। जिनमें रहने वाले सेना के जवानों से ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हिसार : लोगों को स्वच्छ व साफ वातावरण देने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है। लेकिन बात धरातल की करे तो कुछ जगह स्थिति उसके विपरीत है। ताजा मामला हिसार के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) कैंप और राष्ट्रीय बीज निगम का है। जिनमें रहने वाले सेना के जवानों से लेकर कर्मचारी तक की सांसों में प्रदूषण का जहर घुल रहा है। कारण है कि पिछले करीब डेढ़ साल से कैंप व निगम के नजदीक मृत पशु खुले में डाले जा रहे हैं। साथ ही कचरे डंपिंग स्टेशन बना दिया जिसमें आग लग रही है। उसका धुआं व बदबू सेना जवानों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सभी ने जिला प्रशासन से लेकर निगम कमिश्नर तक समस्या की कई बार गुहार लगाई लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ है।
बीएसएफ ने भी लगाई गुहार
बीएसएफ की ओर से नगर निगम कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग को 20 नवंबर 2021 को पत्र भेजकर लिखा गया है कि सिरसा रोड़ पर 14 किलोमीटर दूर हमारे कैंप में 185 परिवार रहते है। कैंप के पास नगर निगम मृत पशु व कचरा डाल रही है। कचरे में आग के कारण जहरीला धुआं इन परिवारों के लिए परेशानी बन रहा है। समस्या का समाधान करवाया जाए। समाधान आज तक नहीं हाे पा रहा है।
राष्ट्रीय बीज निगम ने भी समस्या समाधान की कि मांग
राष्ट्रीय बीज निगम की दीवार से चंद कदमों की दूरी पर मृत पशु डलने से हमारे क्षेत्र में मक्खियों की भरमार हो गई है। 100 से अधिक परिवार यहां रह रहे है। दिन में भी कचरे व मृत पशुओं की बदबू ने जीना दूभर कर दिया है। सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सभी बीमार होने लग रहे है। ऐसे में समस्या गंभीर बनी हुई है।
----नगर निगम कमिश्नर से लेकर डीसी तक को कई बार कचरे व मृत पशुओं के कारण पैदा हुई समस्या के समाधान की मांग कर चुके है लेकिन आज तक समाधान नहीं हुआ है। हमारी सरकार व प्रशासन ने मांग है कि समस्या समाधान करवाया जाए।
- राजेश कुमार, मानव अधिकारी, राष्ट्रीय बीज निगम, हिसार।
