सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा के शाह सतनाम शिक्षण संस्थान की उपलब्धियों में एक और मोती जुड़ गया है। शाह सतनाम  शिक्षण संस्थान के वयोवृद्ध योगा कोच इलम चंद इन्सां को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने वयोश्रेष्ठ सम्मान प्रदान किया। उन्हें यह सम्मान भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग की ओर से खेल कूद और साहसिक श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार एक अक्टूबर को नई दिल्ली में दिया गया।

डेरा प्रमुख ने किया था योगा और खेलों में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित

शाह सतनाम पुरा में रहने वाले उत्तर प्रदेश मूल के निवासी वयोवृद्ध खिलाड़ी इलम चंद इन्सां को उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने सम्मान स्वरूप अढाई लाख रुपये, शॉल, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने ही मुझे योगा सहित खेलों में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में एक वक्त ऐसा था जब मैं शुगर लेवल बढऩे के चलते बुरी तरह परेशान था और कुछ नहीं कर पा रहा था। तब डेरा प्रमुख ने  मेरा हौंसला बढ़ाते हुए योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। इसके बाद  मैं लगातार एक के बाद एक टूर्नामेंट जीतता गया।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इलम चंद इन्सां से बीती 20 सितंबर को संपर्क किया था। सम्मान प्राप्ति से उत्साहित इलमचंद का कहना है कि बेशक वे 84 साल के हो गए हैं, परंतु आज भी उनमें जोश 20 साल के खिलाडिय़ों सा है। उनकी इस विशेष उलब्धि पर डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति, शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थानों के स्पोट्र्स इंचार्ज चरणजीत इन्सां व संस्थान के प्रबंधन ने उन्हें बधाई दी।

61 साल की उम्र में किया था योगा शुरू

इलम चंद मूल रूप से यूपी के बागपत जिले के बड़ौत तहसील के गांव अनछाड के रहने वाले हैं। वे शिक्षाविद रहे हैं और 1996 में यूपी के विजयवाड़ा के बीपी इंटर कालेज के प्राचार्य रहे हैं। वर्ष 2000 में वे सिरसा में डेरा सच्चा सौदा में आ गए और यहां आकर 61 वर्ष की उम्र में उन्होंने  योग शुरू किया। जिसके बाद योग, एथेलेटिक्स में 425 से अधिक मेडल जीत चुके हैं, जिनमें राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इलम चंद ने बताया कि 22 किलोमीटर लंबी हाफ मैराथन में वर्ष 2011 से लेकर सीनियर सिटीजन श्रेणी में जीतते आ रहे हैं।

इन देशों के प्रतियोगिता में ले चुके हैं भाग

चीन, मलेशिया में हुई पोल वाल्ट प्रतियोगिता में 70 वर्ष से अधिक उम्र में भाग लिया। मलेशिया में आयोजित 800 मीटर दौड़ में 65 वर्ष से अधिक उम्र वालों में गोल्ड जीता। 2013 में चीन में आयोजित पोल वाल्ट में दूसरे स्थान पर रहे। एथलेटिक्स में उन्होंने 130 से अधिक मैडल जीते हुए हैं जबकि योग में करीब 300 मैडल हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक योगा खिलाडिय़ों राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं। वर्तमान में 250 से अधिक खिलाडिय़ों को वे प्रशिक्षित कर रहे हैं।

Edited By: Naveen Dalal