जागरण संवाददाता, फतेहाबाद/हिसार : भाजपा-जजपा कोआर्डिनेटर मीनू बैनीवाल पर जजपा सरंक्षक एवं पूर्व सांसद अजय चौटाला व उनके बेटे जजपा प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला आमने-सामने हो गए हैं। आदमपुर उपचुनाव के दौरान दिग्विजय चौटाला ने मीनू बैनीवाल पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें बहरूपिया तक बता दिया था। लेकिन सोमवार को यहां एक निजी समारोह में शिरकत करने पहुंचे अजय चौटाला ने स्पष्ट कर दिया है कि मीनू बैनीवाल उनके अजीज थे और अजीज ही रहेंगे।

बेशक उनके पास पार्टी में कोई पद नहीं है, लेकिन वो जजपा के लिए काम करते रहे हैं। दिग्विजय चौटाला के बयान पर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिग्विजय और मीनू बैनीवाल की आपस में कोई बात हुई होगी। लेकिन मेरा व्यक्तिगत संबंध मीनू बैनीवाल से हमेशा बना रहेगा। इससे पहले मीनू बैनीवाल के सवाल पर कुछ दिन पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भी कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया था।

4 नवंबर को दिग्विजय ने दिया था ये बयान

प्रजातंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है। हमारे पिता के साथ जुड़े हुए बहुत से लोग हैं, लेकिन समय- समय पर सबकी महत्वकांक्षा भी बढ़ती जाती है। हमारी पार्टी या संगठन से ऐसी व्यक्तियों का ऐसे बहुरुपियों से कोई लेना देना नहीं है।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच दिखी है मीनू बैनीवाल की

मीनू बैनीवाल बतौर समाजसेवी ऐलनाबाद हलके में पिछले कई सालों से काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि जजपा के गठन के पीछे भी मीनू बैनीवाल का ही आइडिया था। जिसके बाद जजपा की ओर से दुष्यंत चौटाला को बतौर सीएम प्रोजेक्ट किया गया था और पिछले विधानसभा चुनाव में मीनू बैनीवाल की रणनीति और दुष्यंत-दिग्विजय की मेहनत से प्रदेश में जजपा की दस सीटें आई। इसके बाद मीनू बैनीवाल की भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंच भी उस दौरान सामने आई जब नतीजों के आने के कुछ घंटे बाद ही दुष्यंत चौटाला अमित शाह के पास पहुंच गए और प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार की घोषणा कर दी गई थी।

Edited By: Manoj Kumar

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