जागरण संवाददाता, हिसार: हिसार मंडल के पुलिस महानिरीक्षक राकेश कुमार आर्य का 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पुलिस पदक के लिए चयन हुआ है। बीते एक साल में उन्होंने कई सराहनीय कार्य किए है और नशा मुक्ति जैसी अच्छी पहल की शुरूआत की है।

इस अभियान के तहत हिसार मंडल के 52 गांवों में 750 ऐसे लोगो की पहचान की है, जो ड्रग या शराब की लत में पड़े हुए थे। इनको लत से बाहर निकालने के लिए इन्हें प्रेरित किया और लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया। परिणाम स्वरूप 350 लोग इस नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए अपना उपचार करवा रहे है।

दरअसल राकेश कुमार आर्य 2003 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और इनकी 19 वर्ष में कई सराहनीय सेवाएं रही हैं। इनका नशे के प्रति जागरूक करने का अभियान जोरों पर है, जो काफी अच्छा रहा। राकेश आर्य छह जिलो में पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक जीआरपी, डीसीपी गुरुग्राम के अलावा डीआइजी गुप्तचर विभाग, डीआइजी प्रशासन एवं कानून व्यवस्था के पद पर सेवाएं दे चुके है।

2021 में संभाला था काम

उन्होंने युनाइटेड किगडम से हायर स्टडी फैलोशिप व अमेरिका में एक वर्ष तक पब्लिक पालिसी एवं प्रशासन विषय पर विशेषज्ञता हासिल की है। उनकी छवि व प्रभावी कार्यशैली के कारण अलग पहचान रही है। मई 2021से पुलिस महा निरीक्षक हिसार मंडल का पदभार संभाला था। इन्होंने कई अहम कदम उठाएं है। एक तरफ हत्या, लुट, डकैती जैसे अपराधों पर नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान दिया और ड्रग एव हिसामुक्त, मेरा गांव मेरी शान, विशेष अभियान चलाकर भटके युवाओं को सही राह पर लाने का प्रयास किया।

संपत्ति अटैच करवाने में अभियान चलाया

आइजी राकेश आर्य ने ड्रग तस्करों पर अंकुश लगाने के लिए उन पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी संपत्ति अटैच करवाने की दिशा में विशेष अभियान चलाया। ड्रग की ओवरडोज से मौत होने पर 174 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही होती थी। वही अब मुकदमे दर्ज कर मौत के जिम्मेदार ड्रग स्पलायरों पर कार्रवाई की जा रही है।

Edited By: Jagran