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एशियन गेम्स में हिसार की बेटियों का दम, दीपिका ने 11 गोल दाग रचा इतिहास; मनीषा ने संभाला लेफ्ट कवर

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:52 AM (IST)

एशियन गेम्स में हिसार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। महिला हॉकी में दीपिका सहरावत ने 11 गोल दागकर ...और पढ़ें

एशियन गेम्स में हिसार का दबदबा रहा कायम।

एशियन गेम्स में हिसार का दबदबा रहा कायम।

HighLights

  1. दीपिका सहरावत ने महिला हॉकी में 11 गोल दागकर नया रिकॉर्ड बनाया

  2. मनीषा ने भारतीय कबड्डी टीम में लेफ्ट कवर की भूमिका निभाई

  3. संजय कालीरावण ने हॉकी में शानदार प्रदर्शन किया, गांव में खुशी

जागरण संवाददाता, हिसार। एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय महिला हाकी टीम में हिसार की दीपिका सहरावत ने जहां उज्बेकिस्तान के खिलाफ एक मैच में आठ गोल दागकर अपनी अलग पहचान बनाई, वहीं इंडोनेशिया के खिलाफ लगातार दूसरे मैच में तीन गोल कर हैट्रिक लगाई।

दीपिका टूर्नामेंट में 11 गोल कर सबसे आगे चल रही है। वहीं दूसरी ओर भारतीय कबड्डी टीम ने सोमवार को अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश को 42-21 से हराकर की।

इस मुकाबले में हिसार के गांव भिवानी रोहिल्ला की मनीषा ने लेफ्ट कवर से डिफेंडर की भूमिका निभाई। वहीं हसनगढ़ की निकिता नैन भी भारतीय टीम का हिस्सा हैं।

दीपिका ने आठ गोल कर तोड़ा अपना ही रिकार्ड 

भारतीय महिला हाकी टीम ने उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया था। इस मुकाबले में दीपिका सहरावत ने अकेले आठ गोल दागे। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना ही पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ दिया।

इससे पहले दीपिका ने वर्ष 2024 में थाईलैंड के खिलाफ पांच गोल किए थे। इसके बाद इंडोनेशिया के खिलाफ भी उन्होंने तीन गोल कर लगातार दूसरे मैच में हैट्रिक लगाई। दीपिका ने बताया कि उज्बेकिस्तान के खिलाफ मैच में शुरुआती तीन-चार गोल तक उन्हें अपने स्कोर का अंदाजा था, लेकिन इसके बाद उनका पूरा ध्यान खेल पर था।

एक समय उन्हें यह भी पता नहीं चल रहा था कि वह कितने गोल कर चुकी हैं। मैच खत्म होने के बाद आठ गोल की जानकारी मिली तो खुशी हुई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम के सहयोग से संभव हुई है।

दीपिका ने कहा कि रिकार्ड बनाने की खुशी है, लेकिन फिलहाल उनका लक्ष्य गोल्ड मेडल हासिल करना है। वह आगे के मुकाबलों में भी टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी।

उन्होंने बताया कि पिता ने हमेशा उन्हें हार नहीं मानने की सीख दी है। मैदान पर उतरते समय यही बात उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। दीपिका एशिया कप से पहले चोट के कारण आठ महीने तक हाकी से दूर भी रहीं।

गांव से शुरू हुआ मनीषा का कबड्डी सफर 

भारतीय कबड्डी टीम में शामिल भिवानी रोहिल्ला की मनीषा के पिता राजपाल ने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने गांव से ही कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। राजपाल खेतीबाड़ी करते हैं। मनीषा समेत छह भाई-बहन हैं। चीन में आयोजित बीच कबड्डी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।

निकिता को पहले मैच में नहीं मिला मौका 

हसनगढ़ की निकिता नैन भी भारतीय सीनियर कबड्डी टीम में शामिल हैं। हालांकि बांग्लादेश के खिलाफ पहले मुकाबले में उन्हें प्लेइंग-7 में जगह नहीं मिली। उनके कोच संदीप ने बताया कि उम्मीद है कि आगामी मुकाबले में निकिता को मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा।

कोच संदीप ने बताया कि निकिता ने महज आठ साल की उम्र में हसनगढ़ के सरकारी स्कूल में कबड्डी का अभ्यास शुरू किया था। अंडर-18 स्तर पर वह भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता था।

अंडर-18 में बेहतर प्रदर्शन के दम पर निकिता ने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई। उनके पिता अनिल कुमार किसान हैं। निकिता सात भाई-बहनों में से एक हैं और उनकी दो बहनें भी कबड्डी खेलती हैं।

संजय कालीरावण आज श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे 

गांव डाबड़ा के रहने वाले भारतीय हाकी खिलाड़ी संजय कालीरावण ने भी एशियन गेम्स के पहले मुकाबले में इंडोनेशिया के खिलाफ कई शानदार पास देकर बेहतर प्रदर्शन किया।

अब भारतीय टीम मंगलवार को श्रीलंका से भिड़ेगी। संजय के प्रदर्शन से उनके गांव डाबड़ा में खुशी का माहौल है। उनके कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि संजय के मैच को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा।

मैच के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। कोच राजेंद्र सिहाग ने बताया कि संजय ने महज सात साल की उम्र में उनके पास हाकी खेलना शुरू किया था। गांव के कच्चे मैदान पर संजय को हाकी की शुरुआती बारीकियां सिखाई गईं।

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