जागरण संवाददाता, हिसार। सिविल सर्जन डॉ रत्ना भारती ने बताया कि बुधवार को जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है, जबकि 2 संक्रमित को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है अब जिले में एक्टिव केसों की संख्या 3 रह गई है तथा रिकवरी रेट 97.88 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक 6 लाख 64 हजार 223 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें संक्रमण के कुल 53 हजार 974 मामले सामने आ चुके हैं। अब तक कुल 52 हजार 831 लोग कोरोना से रिकवर हो चुके हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में कोरोना से अब तक कुल 1140 लोगों की मौत हुई है। कोरोना की पिछले वर्ष की पहली लहर में 327 और इस वर्ष की दूसरी लहर में 813 लोगों की मृत्यु हुई है। पहली लहर में संक्रमण के 17 हजार 147 जबकि दूसरी लहर में अब तक 36 हजार 827 मामले दर्ज किए गए हैं।

जिले में 15 हजार 656 व्यक्तियों की ब्लड स्लाइड कलेक्शन की टेस्टिंग में कोई पॉजीटिव मामला नहीं

हिसार। सिविल सर्जन डॉ रत्ना भारती ने जिले के नागरिकों से मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी खड़ा रहने से मच्छरों के कारण मलेरिया व डेंगू फैलने का खतरा बढ़ जाता है। यह जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग द्वारा जिले में 15 हजार 656 व्यक्तियों की ब्लड स्लाइड कलेक्शन की टेस्टिंग की जा चुकी है, जिसमें कोई भी कोई भी पॉजीटिव केस नहीं मिला है। उन्होंने डेंगू के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अचानक तेज सिर दर्द व बुखार का होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोकि आँखों को घुमाने से बढ़ता है, जी-मिचलाना एवं उल्टी आना तथा गंभीर मामलों में मुंह, मसूड़ों से खून आना तथा त्वचा पर चकत्ते उभरना डेंगू की बीमारी के लक्षण हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति में मलेरिया व डेंगू के लक्षण नजर आते हैं तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच अवश्य करवाए।

उन्होंने बताया कि मलेरिया व डेंगू से बचने के लिए पानी की टंकियों व हौदियों के ढक्कन हमेशा बंद रखें, घरों के आसपास पानी इक_ा न होने दें, सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके अवश्य सुखायें, यदि कूलर खाली न हो सके तो उसमें एक बड़ा चम्मच टेमिफोस/ डीजल व पेट्रोल डालें। उन्होंने बताया कि टूटे-फूटे बर्तन, टायर इत्यादि खुले में न रखें, इनमें बरसात का पानी भरने से मच्छर पैदा होने का खतरा रहता है।

Edited By: Manoj Kumar