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हरियाणा के इस गांव में लव मैरिज पर लगा प्रतिबंध: पंचायत का फैसला, प्रेम विवाह करने वालों का होगा बहिष्कार

Published: Tue, 22 Sep 2026 11:41 AM (IST)

हिसार के आर्य नगर गांव में एक सामाजिक पंचायत ने प्रेम विवाह करने वालों के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित ...और पढ़ें

3 शादियों के बाद भड़का गांव, लिया सख्त फैसला।

3 शादियों के बाद भड़का गांव, लिया सख्त फैसला।

HighLights

  1. आर्य नगर में प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव

  2. हाल ही में हुए तीन प्रेम विवाहों के बाद लिया फैसला

  3. निर्वाचित ग्राम पंचायत ने इस निर्णय से दूरी बनाई

जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार के आर्य नगर गांव में बीते रविवार को हुई एक सामाजिक पंचायत में गांव के लोगों के बीच होने वाले प्रेम विवाह के सामाजिक बहिष्कार का प्रस्ताव पारित किया गया।

पंचायत में कहा गया कि गांव में ऐसे विवाह करने वाले लोगों और इसका समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पिछले कुछ महीनों में गांव में ऐसे तीन विवाह होने के बाद यह प्रस्ताव पारित किए जाने की बात सामने आई है।

गांव के बुजुर्गों की मौजूदगी में हुई सभा में करीब एक हजार ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता गांव के बुजुर्ग कुलवंत गोसला ने की। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ऐसे विवाह का समर्थन करने वाले परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों के खिलाफ भी सामाजिक बहिष्कार की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा 21 सदस्यीय एक समिति गठित कर घर-घर जाकर ग्रामीणों की राय जानने की बात कही गई है, ताकि प्रेम विवाह पर रोक लगाने के संबंध में लोगों के विचार लिए जा सकें।

तीन विवाह के बाद लिया निर्णय

मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में गांव में तीन ऐसे विवाह हुए हैं, जिनमें गांव के ही रहने वाले युवक-युवतियों ने विवाह किया। गांव के सरपंच रतन सिंह के अनुसार इनमें दो जोड़े अलग-अलग जातियों से थे, जबकि एक जोड़ा एक ही जाति से था।

निर्वाचित पंचायत ने फैसले से बनाई दूरी

गांव के सरपंच रतन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले सभी ग्रामीणों ने एकत्रित होकर फैसला लिया है कि गांव के ही युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह नहीं करेंगे, ऐसा करते है तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव में पुलिस भी तैनात नहीं की गई है।

सरपंच ने बताया कि इस निर्णय में निर्वाचित ग्राम पंचायत की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला सामाजिक पंचायत की ओर से लिया गया है।

अधिवक्ता बोले- वयस्कों को जीवनसाथी चुनने का अधिकार

वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादूर खोवाल ने बताया कि सहमति से विवाह करने वाले वयस्कों को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का मौलिक अधिकार है।

उनके अनुसार सामाजिक बहिष्कार का आदेश देने वाली पंचायत के ऐसे फरमान की कानूनी वैधता नहीं है और परिस्थितियों के आधार पर आपराधिक व अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवाद के माध्यम से स्थिति को संभालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धमकी देने या दबाव बनाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है।

नहीं हुई कोई अप्रिय घटना

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गांव आर्य नगर में शांतिप्रिय माहौल है। वहां किसी तरह की कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। अगर कोई समस्या आती है तो गांव में सुरक्षा मुहैया करवा दी जाएगी।

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