जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। पिछले चार दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी। जिसका असर जनजीवन पर देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों ने 16 मई की शाम को मौसम बदलने की संभावना जताई थी। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार सुबह ही देखने को मिल गया। सुबह से ही बादल छाने और धूल भरी हवाएं चलने के कारण तापमान में गिरावट आई है।

एक दिन पहले की अपेक्षा अधिकतम तापमान 4.5 डिग्री गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आई है और 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। ऐसे में बरसात होने की संभावना कम है। लेकिन धूल भरी हवाएं चलने के कारण गर्मी से राहत मिलेगी। लेकिन उसके बाद फिर एकाएक गर्मी बढ़ने की संभावना मौसम विशेषज्ञ जता रहे है।

पिछले साल इतना तापमान नहीं था

पिछले चार दिनों से पड़ रही गर्मी के कारण बाजार भी सुनसान हो गए थे। यहीं कारण है कि लोग घरों के अंदर ही दुबके रहे। सुबह 9 बजे ही सूरज लाल हो रहा था। ऐसे में सबसे बुरा असर फसलों पर देखने को मिल रहा था। जिन किसानों ने नरमा की बिजाई की थी वे पौधे झुलस रहे थे। ऐसे में दो दिन मौसम ठंडा रहने के कारण जमीन से पौधे भी आसानी से निकल आएंगे। किसानों की माने तो पिछले साल इतना अधिक तापमान नहीं था।

अब जाने आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विशेषज्ञों की माने तो आगामी 18 मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर होने के कारण बदल छाए है। लेकिन बरसात होने की संभावना कम है। ऐसे में आने वाले दिनों में एक बार फिर लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मई के अंतिम सप्ताह में नोतपा भी शुरू हो जाता है। जिसमें सात दिनों तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

मई 2022 में अधिकतम व न्यूनतम तापमान

तिथि अधिकतम न्यूनतम

10 मई 42 27

11 मई 43 26

12 मई 43 27

13 मई 42 27

14 मई 43 28

15 मई 46.5 31

16 मई 42 28

नोट: यह तामपान डिग्री सेल्सियस में है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदला हवा का रूख

पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा का रूख बदला है और गर्मी से राहत मिली है। ऐसे में अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। किसान जल्द ही नरमा की बिजाई पूरी कर ले ताकि उत्पाद अच्छा हो सके।

-डा. भीम सिंह, एसडीओ कृषि विभाग।

Edited By: Rajesh Kumar