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दो हजार से अधिक के यूपीआइ भुगतान पर पांच रुपये शुल्क का विरोध, पेट्रोल पंप संचालकों ने लिखी वित्त मंत्री को चिट्ठी

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:23 AM (IST)

हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालक दो हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान पर लगने वाले पांच रुपये शुल्क का विरोध ...और पढ़ें

पेट्रोलियम डीलरों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र।

पेट्रोलियम डीलरों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र।

HighLights

  1. पेट्रोल पंपों पर ₹2000 से अधिक UPI भुगतान पर शुल्क का विरोध

  2. हरियाणा डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर छूट मांगी

  3. शुल्क से छोटे पंपों पर असर, डिजिटल भुगतान प्रभावित होगा

जागरण संवाददाता, हांसी। पेट्रोल पंप पर दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआइ भुगतान पर प्रस्तावित पांच रुपये लेन-देन शुल्क के विरोध में पेट्रोलियम डीलर उतर आए हैं।

आल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर पेट्रोल पंपों को इस शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग की है। पत्र की प्रति पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी भेजी गई है।

एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन गोयल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर डीलरों को पहले ही सीमित कमीशन मिलता है। प्रत्येक बड़े यूपीआइ भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से कारोबार का खर्च बढ़ जाएगा।

एसोशिएशन ने सरकार से दोबारा विचार करने की मांग की

इसका सबसे अधिक असर कम बिक्री वाले ग्रामीण और छोटे पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन डिजिटल भुगतान का समर्थन करती है और पेट्रोल पंपों पर बड़ी संख्या में ग्राहक यूपीआइ से भुगतान कर रहे हैं।

ऐसे में लेन-देन का खर्च डीलर या ग्राहक पर डालने से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से प्रस्ताव पर दोबारा विचार कर पेट्रोलियम क्षेत्र के लिए बिना शुल्क वाली यूपीआइ व्यवस्था जारी रखने की मांग की है। डीलरों का कहना है कि कोई भी अतिरिक्त खर्च उनकी कमाई को सीधे प्रभावित करेगा।

शुल्क लगा तो नकद भुगतान बढ़ने की आशंका

पवन गोयल ने कहा कि यूपीआइ भुगतान को आसान और बिना अतिरिक्त खर्च वाला बनाए रखने से ग्राहकों और पंप संचालकों दोनों को सुविधा मिलती है। यदि प्रत्येक दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर पांच रुपये काटे गए तो डीलर डिजिटल लेन-देन से बचने लग सकते हैं।

इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है और पेट्रोल पंपों पर नकद भुगतान दोबारा बढ़ सकता है। एसोसिएशन ने पेट्रोलियम डीलरों के लिए शून्य एमडीआर व्यवस्था जारी रखने, शुल्क का भार ग्राहक पर नहीं डालने और कम बिक्री वाले पंपों के हित सुरक्षित रखने की मांग की है।

संगठन ने केंद्र सरकार से जल्द स्थिति स्पष्ट कर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है।

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