जागरण संवाददाता, रोहतक। गिरते भू जल के संरक्षण की दिशा में प्रदेश सरकार कदम बढ़ा रही है। जिसके चलते धान के स्थान पर फलों के क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। रोहतक में भी इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। जिला में धान के स्थान बागों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को प्रेरित भी किया जा रहा है। बागवानी अधिकारियों का कहना है कि इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और भू जल संरक्षण भी हो सकेगा। जिला में 300 एकड़ में नए बाग लगाए जाएंगे। यह लक्ष्य तय किया गया है। इन बागों पर सरकार की ओर से विशेष अनुदान दिया जाएगा।

बागवानी विभाग के अधिकारियाें के मुताबिक यह योजना किसानों की आमदनी बढ़ाएगी। इसके लिए किसानों को पोर्टल पर आवेदन करना होगा। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करना आवश्यक है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि योजना के तहत किसानों को अनुदान पहले आओ पहले पाओ के आधार पर ही दिया जाएगा। एक किसान अधिकतम 10 एकड़ क्षेत्र में अनुदान प्राप्त कर सकता है।

किसान कर रहे बागवानी का रुख

उनका कहना है कि रोहतक की मिट्टी अमरूद की फसल के लिए उपयुक्त साबित हो रही है। अनेक किसान बागवानी फसल की ओर रुख कर रहे हैं। महज दो साल में ही अमरूद के पौधों पर फल लगने लगते हैं और किसानों की आमदनी बढ़ती जाती है। इससे पहले किसान उस जमीन पर अन्य फसलें लगाकर भी अपनी आमदनी कर सकते हैं। किसानों को बाग की लागत के अनुसार अलग अलग अनुदान राशि दी जाएगी। कीनू की फसल के लिए भी यहां की जमीन अच्छे परिणाम दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि धान की फसल में पानी अत्यधिक मात्रा में प्रयोग होता है। इसके लिए भू जल का दोहन भी खूब किया जाता है। ऐसे में बाग लगाना किसानों के लिए फायदे का सौदा होगा।

नए बाग लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं

भू जल संरक्षण की दिशा में सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से धान के स्थान पर नए बाग लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए जिला में 300 एकड़ में बाग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान के स्थान पर नए बाग लगाने पर किसानों को विशेष अनुदान भी सरकार की ओर से दिया जाएगा।

- डा. कमल सैनी, जिला बागवानी अधिकारी।

Edited By: Rajesh Kumar