हरियाणा में सांसों पर संकट, 8 गुना ज्यादा प्रदूषित हुई हवा; कई जिलों में खतरनाक स्तर पर पहुंचा AQI
हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है, जहां सोनीपत में पीएम2.5 सुरक्षित सीमा से आठ गुना अधिक दर्ज किया गया है।

कई जिलों में खतरनाक स्तर पर एक्यूआई (फाइल फोटो)
HighLights
सोनीपत में पीएम2.5 सुरक्षित सीमा से आठ गुना अधिक दर्ज
जींद, रोहतक, हिसार में भी प्रदूषण का स्तर अत्यधिक
पंजाब में पराली जलाना हरियाणा के प्रदूषण का प्रमुख कारण
जागरण टीम, हिसार। हरियाणा में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्टिव ग्रिड से सीधे लिए गए आंकड़ों के अनुसार, सोनीपत के मुरथल निगरानी केंद्र पर पीएम2.5 का स्तर 496 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
यह भारत में निर्धारित 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से आठ गुना से भी अधिक है। जींद में इसका स्तर 490 और रोहतक में 463 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा।
हिसार में भी पीएम 2.5 की सघनता 403 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज हुई। गुरुग्राम के सेक्टर-51 में यह 361 और फरीदाबाद में 356 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के कई शहरों में हवा में मौजूद बेहद सूक्ष्म प्रदूषण कणों का स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना ऊपर है।
दिल्ली के बराबर गंभीर स्थिति
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली के आनंद विहार और मुंडका जैसे इलाकों में एक्यूआइ 431 से 447 के बीच रहा। हरियाणा के कई निगरानी केंद्रों पर पीएम2.5 का अत्यधिक स्तर क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीरता दर्शाता है।
पराली का धुआं भी वजह
नासा की लाइव सैटेलाइट इमेजरी के अनुसार के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पंजाब में पराली जलाने की 357 नई घटनाएं दर्ज की गईं।
इसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले पंजाब में लगातार जल रही पराली का धुआं उत्तर-पश्चिमी हवाओं के साथ मिलकर हरियाणा की ठंडी और ठहरी हुई हवा में पूरी तरह लॉक हो गया है। इसी कारण प्रदेश के कई जिलों में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय कारक भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।