राखीगढ़ी में हड़प्पाकालीन सोने का लॉकेट और मनके बरामद, प्राचीन शिल्प कौशल का रहस्य उजागर
राखीगढ़ी में खुदाई के दौरान हड़प्पाकालीन सोने का एक अनोखा लाकेट, कई मनके और चर्ट के बाट मिले हैं।
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राखीगढ़ी में हड़प्पाकालीन सोने का लॉकेट और मनके बरामद

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
सुनील मान, नारनौंद/हांसी। राखीगढ़ी में जारी उत्खनन के दौरान सोने का लाकेट, बड़ी संख्या में सोने के मनके और चर्ट पत्थर से बने बाट प्राप्त हुए हैं। ये अवशेष हड़प्पाकाल में आभूषण निर्माण, धातु उपयोग व व्यापारिक व्यवस्था के विकसित होने के प्रमाण के रूप में देखे जा रहे हैं।
उत्खनन में पहली बार इस प्रकार का लाकेट मिला है, जिसे कीमती पत्थर पर सोने की परत चढ़ाकर तैयार किया गया है। टीला नंबर दो और पांच से मिले मनकों और लाकेट से यह माना जा रहा है कि सोने का उपयोग सीमित नहीं था। खुदाई में रोहरी चर्ट से बने बाट भी मिले हैं, जो वर्तमान पाकिस्तान क्षेत्र में पाए जाते हैं।
इससे यह माना जा रहा है कि उस समय दूरस्थ क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संपर्क थे और वस्तुओं के लेन-देन के लिए मानकीकृत तोल प्रणाली प्रचलन में थी। जब बाट का उपयोग होता था तो तराजू भी प्रचलन में रहा होगा, हालांकि इसके अवशेष अभी नहीं मिले हैं। टीलों से मिले साक्ष्य यह भी दर्शाते हैं कि यहां आभूषण निर्माण का कार्य किया जाता था।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की उत्खनन शाखा के अधीक्षक पुरातत्वविद मनोज सक्सेना के अनुसार उत्खनन में सोने का लाकेट और करीब 12 मनके मिले हैं। साथ ही सोना तोलने के लिए चर्ट के बाट भी प्राप्त हुए हैं। इनकी गुणवत्ता जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे और कुछ नमूने विदेश भी भेजने की तैयारी है।
हड़प्पा सभ्यता कालखंड व विशेषताएं
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन शहरी सभ्यताओं में प्रमुख मानी जाती है, जो सिंधु घाटी क्षेत्र में विकसित हुई थी। इसे तीन कालखंडों में बांटा जाता है। प्रारंभिक हड़प्पा काल (लगभग 3300 ईसा पूर्व से 2600 ईसा पूर्व), परिपक्व हड़प्पा काल (लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व) और उत्तर हड़प्पा काल (लगभग 1900 ईसा पूर्व से 1300 ईसा पूर्व)। परिपक्व काल में नगर योजना, जल निकासी प्रणाली, का उच्च स्तर दिखता है।
मिस्र-मेसोपोटामिया सभ्यता में राखीगढ़ी से पुराने स्वर्ण उपयोग प्रमाण
हड़प्पा सभ्यता में सोने का मिलना मानव इतिहास का सबसे प्राचीन उदाहरण नहीं है, क्योंकि मिस्र और मेसोपोटामिया जैसी सभ्यताओं में इससे पहले और अधिक मात्रा में सोने का उपयोग दर्ज है। हड़प्पा में सोने का उपयोग मुख्यत: आभूषणों में और सीमित मात्रा में मिलता है, जबकि अन्य सभ्यताओं में यह राजसत्ता, मंदिरों और बड़े स्मारकों से जुड़ा दिखता है।
