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Hansi Fraud: 1 करोड़ 32 लाख की धोखाधड़ी मामले में पटवारी गिरफ्तार, आदर्श सहकारी समिति के 13 कर्मी पर मामला दर्ज

एक करोड़ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एफआइआर में नामजद सुंदर पटवारी को गिरफ्तार किया है। यह मामला सोसाइटी दी आदर्श सहकारी एनएटीसी व समिति व दी सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति के पदाधिकारियों पर दर्ज किया गया था।

By Jagran NewsEdited By: Nidhi VinodiyaPublished: Fri, 03 Feb 2023 02:46 PM (IST)Updated: Fri, 03 Feb 2023 02:46 PM (IST)
1 करोड़ 32 लाख की धोखाधड़ी मामले में पटवारी गिरफ्तार

संवाद सहयोगी, हांसी : एक करोड़ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने एफआइआर में नामजद सुंदर पटवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा 8 दिसंबर को 13 के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह मामला सोसाइटी दी आदर्श सहकारी एनएटीसी व समिति व दी सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति के पदाधिकारियों पर दर्ज किया गया था। समिति के सचिव राजेश चोपड़ा ने एक महिला के एक करोड़ 32 लाख रुपये की राशि की एफडी कर दी थी।

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आदर्श सहकारी समिति के 13 कर्मी पर मामला दर्ज

इस मामले में राजेश चोपड़ा की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस को दी गई शिकायत में लाला सड़क निवासी अशोक कुमार ने बताया गया था कि समिति संचालक भरत सैनी के पास अपनी जमा पूंजी अपने व रिश्तेदारों के नाम से दी आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति हांसी में जमा करवाई थी। समिति संचालक भरत सैनी व राजेश चोपड़ा की भागेदारी थी। बात में राजेश चोपड़ा ने अपनी समिति दी सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटिड का गठन कर लिया। फिर उनकी पत्नी को फुसलाकर समिति में एफडीआर कर दी। वर्ष 2017 में समिति में पैसा डाल रहे थे। शिकायतकर्ता ने बताया था कि अशोक कुमार राजस्थान में गाड़ियों की मरम्मत का कार्य करता है। राजेश चौपड़ा ने उनकी जमापूंजी अपनी समिति में जमा कर ली और राजेश चौपड़ा व उसकी पत्नी सुनिता, दीपक कुमार उनके घर स्वयं आकर पैसे ले जाया करते थे। इनमें से दो एफडीआर दिसंबर 2019 में पूरी हो चुकी थी। वह लेने गया तो उन्होंने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।

समिति संचालकों के बहकावे में आकर जमा करवाए थे 30 लाख रुपए

जब पंचायत में बुलाया गया तो राजेश चोपड़ा, सुनिता, श्याम लाल व दीपक चोपड़ा ने उन्हें व उनकी पत्नी को धक्के मारे और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार जब इसकी शिकायत एआरसीएस व डीआरसीएस को की गई तो एआरसीएस ने समिति संचालक का मकान अटैच कर दिया। पूर्व खजान की दीपक कुमार की सैलरी पर रोक लगा दी व इसकी जांच डीआरसीएस हिसार को दे दी। बाद में एफडीआर की असल कापी लेकर उन्हें चेक दिए जो पर्याप्त राशि नहीं होने पर बाउंस हो गए। बाद में विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के अनुसार वह एआरसीएस से मिले तो उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें पैसे दिलवाने की पावर नहीं दी है। उन्होंने 30 लाख रुपये की राशि समिति संचालकों के बहकावे में आकर जमा करवाई थी। राजेश चोपड़ा जो समिति संचालक था उसके मकान को अटैच कर दिया गया था। उसने विभाग से मिलकर अपना मकान बेच दिया। जिला पुलिस को कई बार शिकायत दी। इस बारे में डीसी को भी शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पटवारी ने पहले से 17 लाख का ले रखा था कर्ज

शिकायत के अनुसार सुंदर लाल ने भी सोसाइटी से 16 लाख 99 हजार का कर्ज ले रखा था। लाल सड़क निवासी अशोक कुमार की शिकायत पर दी आदर्श सहकारी एनएटीसी समिति लि इंचार्ज भरत सैनी, दि सेंट्रल सहकारी एनएटीसी के सचिव राजेश चौपड़ा, प्रधान सुंदर लाल, दुर्गा कालोनी निवासी अनिल कुमार, द सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लि के सचिव प्रधान खरैती लाल, उप प्रधान विपिन, कमेटी सदस्य गोसाई गेट निवासी सागर, कमेटी सदस्य बड़सी गेट निवासी कृष्ण, दड़ा बाजार निवासी गुलशन, बैंक कालोनी निवासी कमेटी सदस्य राजेंद्र धवन, पूर्व कोषाध्यक्ष समिति दीपक कुमार, समिति इंचार्ज सुनिता पत्नी राजेश चोपड़ा, द सेंट्रल सहकारी एनएटीसी समिति लिमिटेड के प्रशासक मंडल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला किया गया है।


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