संवाद सहयोगी, हांसी: जन्म के बाद नवजात बच्चे को बीसीजी, हेपेटाइटिस बी का इंजेक्शन व पोलियो खुराक न पिलाने वाले अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। टीकाकरण में लापरवाही करने वाले अस्पतालों पर 500 रुपये जुर्माना किया जाएगा। टीकाकरण अधिकारी के पास नई गाइडलाइन पहुंच गई है। टीबी ,काला पीलिया रोग व पोलियो की रोकथाम के लिए यह कदम उठाया गया है। शहर के प्राइवेट अस्पताल व स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ सेंटरों पर अस्पतालों में हर साल हजारों बच्चे पैदा होते है।

स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार हर नवजात को बीसीजी ,हेपेटाइटिस बी, पोलियो की खुराक पिलाई जानी जरूरी है। लेकिन काफी जगह पर लापरवाही बरती जाती है। जिसके चलते बच्चों को टीबी व काला पीलिया होने का ज्यादा खतरा रहता है। इस तरह की लापरवाही पर रोक लगाने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों का निरीक्षण करेगा। नई गाइडलाइन के अनुसार बच्चे को टीकाकरण किया गया है या नहीं इसकी जांच की जाएगी। यदि किसी अस्पताल में निरीक्षण के दौरान नवजात को टीकाकरण हुआ मिलेगा तो उस अस्पताल पर 500 रुपये जुर्माना किया जाएगा।

इसके बावजूद भी दोबारा लापरवाही मिलती है तो सीएमओ अस्पताल को नोटिस जारी करेगा। यहीं नहीं अस्पताल को अपील में जाने की व्यवस्था की है। अस्पताल को यदि लगता है उस पर गलत कार्रवाई की गई है तो वह डीसी के पास अपील कर सकता है। डॉक्टर सुरेंद्र ने बताया कि टीबी से बचाव के लिए बीसीजी इंजेक्शन लगाना बेहद जरूरी होता है। इसी तरह से काला पीलिया से बचाव के लिए हेपेटाइटिस बी का इंजेक्शन जरूरी है।टीबी की रोकथाम के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

नई गाइडलाइन से सभी को अवगत कराया जाएगा

नवजात को बीसीजी, हेपेटाइटिस बी व पोलियो की खुराक पिलाई जानी बेहद जरूरी है। अगर कोई अस्पताल ऐसा नहीं करता है तो उस पर 500 रुपये जुर्माना किया जाएगा।

- टीकाकरण अधिकारी सुरेंद्र।

Edited By: Manoj Kumar

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