हिसार [अमित धवन]। आदमपुर ब्लॉक के एक गांव के सरकारी स्कूल में बीते पांच साल से छात्राओं का यौनशोषण किया जा रहा था। आरोपित शिक्षक छात्राओं को फेल करने का डर दिखाकर मोबाइल पर अश्लील फिल्में दिखाते और छेड़खानी करते थे। छात्राओं ने इस प्रकरण की जानकारी पूर्व प्राचार्य को दी थी, मगर उन्होंने छात्राओं को ही फटकार लगाकर वापस भेज दिया। इससे छात्रएं डर गईं और आरोपितों की हिम्मत बढ़ती गई।

सितंबर में ट्रांसफर के बाद स्टाफ बदलने से यह मामला उजागर हो गया। शिकायत के बाद आदमपुर पुलिस ने तीन अध्यापकों के खिलाफ जेजे एक्ट और पोस्को एक्ट में केस दर्ज कर दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपितों को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया। डीसी ने इस मामले में कमेटी गठित करने व जांच के आदेश जारी किए हैं।

स्कूल में पुराने स्टाफ से सभी विद्यार्थी परेशान थे। सितंबर में सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी में सभी शिक्षकों को स्कूल से बदल दिया। हालांकि आरोपितों में से दो अध्यापक कच्चे होने के कारण यहीं रह गए, जबकि तीसरे ने दिव्यांगता का हवाला देकर इसी स्कूल की प्राथमिकता भरी तो यही स्कूल दे दिया गया। तबादले के बाद स्कूल में आई एक महिला अध्यापक को भी आरोपित शिक्षकों ने तंग किया था। बात बढ़ने पर मामला पुलिस तक पहुंचा था। पुलिस स्कूल भी गई तो पंचायत होने पर मामला शांत हो गया था। हालांकि बाद में मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई थी। दूसरी ओर शिक्षिका पर विश्वास बनने के बाद छात्राओं ने आरोपित शिक्षकों की सारी करतूत उनके सामने उजागर कर दी।

यह बोलीं छात्राएं

स्कूल में आना मुश्किल था। आरोपित शिक्षक गलत व्यवहार करते थे। उनकी बुरी नजर रहती थी। स्कूल में स्मोकिंग करना, विदाई पार्टी में शराब तक पीते थे। उनको गाली तक दे देते थे। लड़कियों के कंधे पर हाथ रख कर बात करते थे। उक्त शिक्षक लड़कियों के साथ खेलते थे और खेलते हुए गिराना, फिर उनको गलत नियत से छूना सब होता था। वे यह सब बर्दाश्त कर रही थी। किसी को कुछ बता नहीं सकती थी। लड़कों की तो काफी पिटाई भी करते थे। स्कूल के ऑफिस के आगे बैठकर गाने भी चलाते थे। किसको बताते? एक बार प्राचार्य को बताने पर कार्रवाई ही नहीं हुई थी। यह तो नया स्टाफ आया और महिला टीचर पर उनका विश्वास हुआ तो सब बोला है।(जैसा कि स्कूल की छात्राओं ने बताया)

जांच के लिए होगी कमेटी गठित

हिसार के उपायुक्त अशोक मीणा का कहना है कि छात्राओं ने पूर्व प्राचार्य व अन्य स्टाफ को बताया था तो उसकी भी जांच होगी। कमेटी का गठन किया जाएगा। जानकारी में आने के बावजूद कार्रवाई नहीं करना भी अपराध है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

टीम स्कूल का दौरा करेगी

राज्य बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा का कहना है कि आज टीम के साथ स्कूल का दौरा करेंगे। पीड़ितों और उनके परिजनों से बात की जाएगी। इसलिए काउंसलर भी हमारे साथ रहेगा। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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