झज्जर, जागरण संवाददाता। झज्जर में किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने से भी दूरी बनाए हुए हैं। काफी कम किसान ही रजिस्ट्रेशन करवा पा रहे हैं। इसका अनुमान इसकी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक 50 प्रतिशत से भी कम किसानों ने पंजीकरण करवाया है। सरकार द्वारा दी जाने वाले कई सुविधाओं का लाभ भी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसलों का पंजीकरण करवाने वाले किसान ही उठा पाएंगे। यहां तक कि सरकार पोर्टल पर पंजीकृत किसानों की ही फसल खरीद रही है। पहले भी बिक्री के दौरान जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया, उन्हें सरकारी कीमतों पर फसल बेचने तक का मौका नहीं मिला।

किसानों को रहना पड़ सकता है सुविधाओं से वंचित

रबी सीजन की फसलों का पंजीकरण करवाने के लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में किसानों को अंतिम तिथि से पहले ही पंजीकरण करवाना होगा। अगर जो किसान अपनी फसलों का पंजीकरण नहीं करवा पाते हैं, वे सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने से भी वंचित रह सकते हैं। जिले की बात करें तो बिजाई योग्य भूमि 3 लाख 69 हजार 729 एकड़ है। जिसमें से करीब एक लाख 70 हजार एकड़ भूमि का ही पंजीकरण हुआ है। जो कुल बिजाई योग्य भूमि का 50 प्रतिशत भी नहीं हैं। जो स्पष्ट करता है कि अभी तक काफी कम किसानों ने अपनी फसलों का पंजीकरण करवाया है। ऐसे में बिना पंजीकरण करवाने वाले किसानों को कई सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ सकता है।

अगर किसान सरकार से अनुदान चाहता है तो भी उसे अपनी फसलों का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करवाना होगा। प्रशासनिक स्तर पर भी लोगों को फसल पंजीकरण के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद भी काफी कम लोग अपनी फसलों का पंजीकरण करवा रहे हैं। फिलहाल सरकार ने 31 जनवरी तक पोर्टल खोला हुआ है। जिस पर किसान अपनी फसलों को पंजीकरण कर सकते हैं। इसका उद्देश्य किसानों को फसल बेचने में सुविधा पहुंचाने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का सीधे लाभ देना भी है। पहले के मुकाबले काफी किसान फसल पंजीकरण की अनिवार्यता को समझते हुए अपनी फसलों का पंजीकरण करवाने लगे हैं।

अधिकारी के अनुसार

कृषि विभाग के तकनीकी आफिसर डा. ईश्वर जाखड़ ने बताया कि अभी तक जिले के आधे से कम किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किया है। सभी किसान सरकारी स्कीमों का फायदा लेने के लिए 31 दिसंबर तक अपनी फसलों का पंजीकरण आवश्य करवाएं।

Edited By: Naveen Dalal