'टी-कनेक्शन हटाने के पीछे विधायक की भूमिका', चानौत में 52 दिनों से जारी पेयजल आंदोलन को अभय चौटाला का समर्थन
अभय चौटाला के नेतृत्व में इनेलो ने चानौत गांव के 52 दिवसीय पेयजल आंदोलन को समर्थन दिया, भाजपा सरकार पर ग्रामीणों को धोखा देने का आरोप लगाया।
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चानौत में 52 दिनों से जारी पेयजल आंदोलन को अभय चौटाला का समर्थन (फोटो: जागरण)
HighLights
अभय चौटाला ने चानौत के 52 दिवसीय पेयजल आंदोलन को समर्थन दिया।
इनेलो ने भाजपा सरकार और विधायक विनोद भयाना पर निशाना साधा।
चौटाला ने टी-कनेक्शन मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
जागरण संवाददाता, हांसी। चानौत गांव में 52वें दिन जारी पेयजल आंदोलन को रविवार को उस समय नई राजनीतिक ताकत मिली, जब इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला पार्टी की पूरी कार्यकारिणी के साथ धरनास्थल पर पहुंचे।
उनके साथ सुनैना चौटाला, अर्जुन चौटाला, आदित्य चौटाला, पूर्व मंत्री संपत सिंह, रामपाल माजरा सहित अनेक वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अभय चौटाला ने सरकार पर किसानों और ग्रामीणों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चानौत के लोगों का संघर्ष जरूर रंग लाएगा और सरकार को झुककर गांव को टी-कनेक्शन देना ही पड़ेगा।
चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से ही किसानों और ग्रामीणों को गुमराह करती आई है। पहले एमएसपी, फसल बीमा और अन्य वादों से किसानों को ठगा गया, अब पीने के पानी जैसे मूल अधिकार के लिए लोगों को सड़कों पर बैठना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार रातों-रात टी-कनेक्शन लगाने पहुंची, लेकिन बाद में जिद और अहंकार में उसे उखाड़ दिया तथा ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कराए और लाठीचार्ज कराया।
अभय चौटाला ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहले टी-कनेक्शन लगाने की कार्रवाई हुई थी, लेकिन बाद में हांसी के विधायक विनोद भयाना ने इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक रोहतक जाकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले और इसके बाद टी-कनेक्शन हटाने का फैसला लिया गया। चौटाला ने कहा कि सरकार ने समाधान निकालने के बजाय गांव में भय का माहौल बनाने की कोशिश की।
विनोद भयाना पर तीखा हमला बोलते हुए अभय चौटाला ने कहा कि जब भयाना कांग्रेस में थे, तब कालोनी लाइसेंस के नाम पर रिश्वत मांगने की कथित सीडी भी सामने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। चौटाला ने कहा, "जिस दिन प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी, उस दिन विनोद भयाना की जगह हांसी में नहीं, बल्कि हांसी में बनने वाली नई जेल में होगी।"
उन्होंने राजस्थान को यमुना का पानी देने के समझौते का भी विरोध किया। कहा कि हरियाणा के हिस्से का पानी दूसरे राज्यों को देने की तैयारी की जा रही है, जबकि चानौत जैसे गांव अपने हिस्से के पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक चानौत को टी-कनेक्शन नहीं मिलेगा, तब तक हांसी की पाइपलाइन का मुद्दा भी शांत नहीं होगा।
सभा को संबोधित करते हुए सुनैना चौटाला ने महिलाओं से आंदोलन की अगुवाई करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पुरुषों की नहीं, बल्कि महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज की लड़ाई है। पूर्व मंत्री संपत सिंह ने कहा कि पानी ग्रामीणों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को बिना किसी भेदभाव के उनका हक देना चाहिए।
अभय चौटाला ने अंत में ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि इनेलो इस संघर्ष में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी और गांव को उसका हक दिलाने तक आंदोलन का समर्थन जारी रहेगा।
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