सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा में फिर से मौसम का मिजाज बदला है, सुबह से आसमान में घने छाये बादल हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव के क्षेत्र व साथ में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से अगले 24 घंटों में बारिश की संभावना है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली है वहीं अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है। रविवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री रहा। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.0 रहा।

गर्मी से मिली राहत

शहर में पिछले दिनों हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं एक बार मौसम का मिजाज बदला हुआ है तो तेज बारिश होने के आसार है। जिसके कारण उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी व अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी है।

इस मौसम में कपास की फसल को नुकसान

आसमान में बादल छाये होने से कपास की फसल में बीमारी बढ़ाने की ज्यादा संभावना है। इससे किसान चिंता में हैं। जिले में कपास की सबसे अधिक 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बिजाई की गई है। बारिश होने से धान व ग्वार की फसल को फायदा मिला है। सिंचाई पानी के अभाव में कई जगह पर धान व ग्वार की फसल को नुकसान हो रहा था। किसान धान की फसल में सिंचाई करने के लिए ट्यूबवेलों का भी सहारा ले रहे थे। किसानों को ट्यूबवेल से सिंचाई करना काफी महंगा पड़ रहा था। जिले में धान की 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रोपाई की गई है।

फसल को बचाने के लिए यह करें किसान

कृषि विज्ञान केंद्र सिरसा के डा. सुनील बैनीवाल ने बताया कि बारिश से बिरानी क्षेत्र में कोई नुकसान नहीं होगा। धान या ग्वार की फसल प्रभावित नहीं होगी। कपास की फसल में जलभराव हुआ है। रात को बारिश आने की उम्मीद है। जलभराव से पौधा सिकुड़ जाएगा। किसान को फसल बचानी है तो एक ग्राम कोवाल्ट कोलोराइड दवा 100 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर स्प्रे करें। किसान संबंधित एडीओ से विचार-विमर्श जरुर करें।

Edited By: Umesh Kdhyani