सिरसा, जागरण संवाददाता। सिरसा में लघु सचिवालय में प्रापर्टी डीलरों के आंदोलन के 21वें दिन जिला प्रशासन ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया। डीलरों की बातचीत के लिए पहली शर्त थी कि कोई एक अधिकारी नहीं संबंधित तीनों अधिकारी इकट्ठे होकर उनके मसलों पर बात करें। प्रशासन ने इसे स्वीकार किया कर एसडीएम सिरसा डा. जयवीर यादव, तहसीलदार गुरदेव सिंह और ईओ नगरपरिषद सिरसा संदीप मलिक ने डीलरों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल से बातचीत की। इस प्रतिनिधि मंडल में मास्टर राजेंदर, मनोज शर्मा, प्रदीप सचदेवा, रामू हिसारिया और प्रकाश गर्ग शामिल थे।

प्रशासन और आंदोलकारी प्रापर्टी डीलरों में हुई बातचीत

प्रतिनिधि मंडल ने सिरसा शहर की बंद पड़ी रजिस्ट्रियों का मुदा उठाया और एक प्राइवेट कंपनी द्वारा किये गए नगर की प्रापर्टी के सर्वे को पूरी तरह से गलत करार दिया और उसे तुरंत प्रभाव से रद करके नए सिरे से यह सर्वे करवाने की मांग की। बैठक में तहसीलदार कार्यालय और नगरपरिषद कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार का मुदा उठाया गया और रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया में तहसीलदार के रवैये पर भी सवाल खड़े किये। प्रतिनिधि मंडल का कहना था की पुराना सिरसा शहर और शहर के उस बाहरी हिस्से में भी रजिस्ट्रियों पर प्रतिबंध बिलकुल अनुचित है जहाँ नगर परिषद् हाउस टैक्स और डवेल्पमेंट चार्जिज ले रही है और सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधएं उपलब्ध करवा रही है। प्रतिनिधियों ने तीनों प्रशानिक अधिकारीयों के सामने नगर परिषद और तहसील कार्यालय में विरासत की रजिस्ट्रियों में आ रही समस्याओं, नगरपरिषद में एनओसी और अन्य कामों में आ रही परेशानियों और कर्मचारियों के असहयोगपूर्ण रवैये पर भी ध्यान दिलवाया गया। 

ये लोग रहे मौजूद

तीनों अधिकारीयों ने सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और एसडीएम डा. जयवीर यादव ने डीलरों को आश्वासन दिया कि वे उपायुक्त सिरसा के समक्ष सारी बातें रखेंगे और जल्द ही इन मुद्दों का समाधान करवाएंगे।  प्रतिनिधि मंडल ने अधिकारियों से कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक धरना जारी रहेगा। इस अवसर पर मोनू वधवा, रमेश जैन, भजन लाल, प्रदीप कुमार, विक्की बजाज, श्रीराम चौहान, जगदीश चुघ, अशोक गुप्ता सहित अनेक प्रॉपर्टी डीलर उपस्थित थे।

Edited By: Naveen Dalal