जागरण संवाददाता, रोहतक : नाबालिग किशोरी को डरा-धमकाकर दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेश कुमार की कोर्ट ने आरोपित को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। शहर की एक कालोनी की रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसकी नाबालिग बेटी मार्च 2019 में घर में अपनी नानी के पास सो रही थी।

जब उनकी आंख खुली तो बेटी वहां से गायब थी। जब उसकी तलाश की गई तो वह पड़ोस के एक मकान से निकलती हुई दिखाई दी। किशोरी ने बताया कि पड़ोसी विकास उसे डरा-धमकाकर अपनी बहन के घर ले गया था। वहां पर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। आरोपित ने किशोरी को एक मोबाइल भी दिया था। जिसने कहा था कि जब भी वह फोन करे उसके पास आ जाना। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सुशील पांचाल ने बताया कि यह मामला तभी से कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट ने सभी तथ्यों को देखते हुए आरोपित को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट का यह फैसला सराहनीय है।

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विनीत तोमर

Edited By: Manoj Kumar