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रोहतक, जेएनएन। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाक ले जाने और दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट ने दोषी को सात साज की सजा सुनाई है। दोषी पर अलग-अलग धाराओं के तहत पांच हजार का जुर्माना भी लगाया गया है।

जींद के रहने वाले एक व्यक्ति ने फरवरी 2018 में महम थाने में शिकायत दी थी कि वह ईंट भट्ठे पर काम करता है। उसका परिवार भी साथ में रहता है। उसकी नाबालिग बेटी अचानक लापता हो गई। बाद में पता चला कि फरमाणा गांव का रहने वाला आरोपित ओमबीर उर्फ मोनू उसे बहला-फुसलाकर ले गया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लड़की को बरामद कर लिया। लड़की का मेडिकल कराया गया। इसके बाद केस में पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ दी गईं। किशोरी ने बयान दिया था कि उसके साथ दुष्‍कर्म किया गया और उसके जबरन वह लड़का अपने साथ ले गया। पुलिस ने बयान के आधार पर कार्रवाई की थी, जिसमें कोर्ट में सुनवाई हो रही थी। अब इस केस में फैसला सुनाया गया है।

Posted By: Manoj Kumar

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