जागरण संवाददाता, रोहतक : फेस्टिवल सीजन में कोविड संक्रमण के मामले बढ़ना स्वास्थ्य विभाग के लिए टेंशन का कारण बन गया है। उससे भी अधिक टेंशन का कारण शहरी क्षेत्र में सैंपलिंग का नहीं होना है। रोहतक शहर की चारों पीएचसी में 15 दिन से कोई भी सैंपल नहीं हुआ है। फेस्टिवल सीजन में अगर सैंपलिंग नहीं बढ़ाई तो कम्यूनिटी स्पि्रड की आशंका बढ़ेगी और त्योहार पर कोविड संक्रमण साया मंडराने लग जाएगा। ऐसे में हालात खराब बन सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी अगर समय रहते नहीं संजीदा होते हैं तो इस बार दीपावली पर अस्पतालों में वही दूसरी लहर की स्थिति बनती दिखाई देगी।

शहर में 15 जगह जुटेगी आज भीड़

कोरोना की तीसरी संभावित लहर की आशंका के बावजूद शहर की यूपीएचसी सुखपुरा, यूपीएचसी हरिसिंह कालोनी, यूपीएचसी गोकर्ण, यूपीएचसी एकता कालोनी में सैंपल नहीं लेना लापरवाही को दर्शा रहा है। रावण दहन के दौरान आज शहर में करीब 15 जगहों पर भीड़ जुटेगी। अगर एक भी पाजिटिव इस भीड़ में शामिल हुआ तो बड़े पैमाने पर कोविड संक्रमण का खतरा हो जाएगा।

जिले में होती है करीब एक हजार लोगों की सैंपलिंग

विभाग की ओर से जिले भर से हर रोज करीब एक हजार लोगों की सैंपलिंग होती है। जिसमें दस दिन के दौरान पांच लोग पाजिटिव आ गए हैं। सामान्य अस्पताल व सीएचसी पर तो सैंपलिंग हो रही है लेकिन विभाग की पीएचसी पर सैंपलिंग में स्टाफ रुचि नहीं दिखा रहा है। खासकर शहरी क्षेत्र में इस प्रकार का रवैया भारी पड़ सकता है।

चारों पीएचसी के मेडिकल आफिसर से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा। फेस्टिवल सीजन में शहरी क्षेत्र में सैंपलिंग अभियान को गति दी जाएगी। अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अगर फिर भी सही ढंग से कार्य नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।

डा. जेएस पूनिया, सीएमओ, रोहतक।

Edited By: Manoj Kumar