जागरण संवाददाता, हिसार : नगर निगम की पहली रिव्यू बैठक गरमागर्मी के माहौल के बीच हुई। इसमें हाउस टैक्स में हुई जांच में ही घपला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस जांच करवाने पर सहमति बनी। वहीं नगर निगम क्षेत्र में साढ़े चार हजार बीपीएल फर्जी उपभोक्ता मिले हैं। लिस्ट में बदलाव के चलते पुलिस में मामला दर्ज करवाने के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है। 9 घंटे चली निगम की रिव्यू बैठक में 479 एजेंडों पर चर्चा की गई। इनमें से आधे काम पूरे होने पर उनको डिस्पोज ऑफ कर दिया गया। वहीं कई विभागों के अधिकारियों को मेयर गौतम सरदाना, ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल ने फटकार भी लगाई। शहर में चल रहे अवैध पीजी पर हाउस की रिव्यू बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। मेयर से लेकर हर पार्षद उस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहा। अधिकारियों ने भी कोई मुद्दा नहीं छेड़ा।

नगर निगम की 26 दिसंबर को होने वाली हाउस की बैठक से पहले रिव्यू बैठक हुई। इस बैठक में 19 जुलाई को हुई बैठक के 479 एजेंडों पर चर्चा की गई। इन एजेंडों पर चर्चा के बाद काफी को बंद कर दिया गया। निगम हाउस की बैठक में पूरी तैयारी से अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर उनको पूरे डाटा के साथ दो दिन बाद होने वाली बैठक में आने के आदेश दिए गए। इस आदेश के साथ उनको पूरी रिपोर्ट भी बनाकर देनी है कि उनकी तरफ से कहां-कहां काम किया गया है। बैठक में शहर के विकास के जमीन की तलाश करने के अलावा, बीपीएल में हुए फर्जीवाड़े का मुद्दा उठा। इसके अलावा एक कर्मचारी द्वारा फाइल गुम करने और मामले में कार्रवाई नहीं करने पर जवाब तलब किया गया है। बिजली निगम अधिकारियों के अधूरी जानकारी के आने के चलते अब एक्सईएन को बैठक में आने के निर्देश जारी किए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर ने लताड़ लगाते हुए पूरे डाटा के साथ उच्च अधिकारियों के संग हाउस की बैठक में आने के आदेश दिए। उनकी तरफ से हाउस की बैठक में सख्ती से अधिकारियों से काम करवाने के संकेत भी दिए।

Posted By: Jagran

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