रोहतक, जेएनएन। ऑनलाइन ठगी के बाद अब नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहे हैं। किसी को रेलवे तो किसी को चिकित्‍सक के नाम पर ठगा जा रहा है। उनके लाखों रुपये लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा। कुछ ऐसा ही मामला रोहतक में आया। 

एक चिकित्सक को एमबीए की डिग्री और दो युवकों को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीडि़तों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चिकित्सक का आरोप है कि उसने ऑनलाइन कंपनी के खाते में रुपये ट्रांसफर किए थे, जबकि रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में एक आरोपित को नामजद किया गया है। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक चिकित्सक ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि कोलकाता की एक कंपनी ने कॉल कर एमबीए कराने की बात कही थी। एमबीए करने के लिए आरोपितों ने दो हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस ली थी। इसके बाद फोन कर 9500 रुपये, 28 हजार रुपये, 15900 रुपये, 13 हजार 600 रुपये, दो हजार रुपये समेत कुल 93 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब डिग्री को लेकर दिए गए नंबर पर फोन किया गया तो आरोपितों ने फोन रिसीव नहीं किया गया। कई दिनों तक फोन रिसीव नहीं करने पर ठगी का पता चला। 

दूसरी ओर वार्ड छह निवासी नरेश ने पुलिस को बताया कि उसने बेटों की रेलवे में नौकरी दिलाने के लिए सोनीपत के गांव खानपुर निवासी गुलाब को 1.04 लाख रुपये दिए थे। पीडि़त ने बताया कि आरोपित ने खुद को रेलवे में संयुक्त निदेशक बताते हुए नौकरी दिलाने की बात कही थी और एक भरे हुए फार्म की फोटो कॉपी भी दिखाई दी। बाद में जब अन्य परिजनों को बताया तो उन्होंने इसे फर्जीवाड़ा बताया और कहा कि आजकल रुपये देकर नौकरी नहीं मिल रही है। इसके बाद आरोपित शेष रकम लेने के लिए आया तो उसे रुपये देने से मना करते हुए दी हुई रकम वापस मांगी। आरोपित ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। जिसके चलते अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

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