झज्जर, जागरण संवाददाता। झज्जर के रेवाड़ी रोड स्थित पटवार भवन में रिश्वत लेते हुए सोनीपत विजिलेंस की टीम ने एक पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दरअसल, विजिलेंस विभाग को शिकायत मिली थी कि पटवारी द्वारा जमीन का इंतकाल करवाने की एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। उसके बाद तय हुए दिन मंगलवार को सोनीपत विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते हुए पटवारी को दबोचा है। जिसकी पहचान अजय दहिया के रूप में हुई है। जो मूल रूप से सोनीपत जिले के गांव सुसाना का रहने वाला है और इन दिनों झज्जर में ही कार्यरत है। इधर, टीम द्वारा की गई कार्रवाई में बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजली विभाग के एसडीओ सुरेश मौजूद रहे।

पटवारी को रिश्वत लेते पकड़ा

मिली जानकारी के मुताबिक गांव धारौली निवासी नरेंद्र ने विजिलेंस को पटवारी अजय दहिया द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को बताया था कि उसकी जमीन का इंतकाल करवाने के लिए पटवारी अजय दहिया द्वारा पैसों की डिमांड की जा रही है। 37 हजार के आसपास इंतकाल करवाने का सौदा तय हुआ। उसके बाद विजिलेंस की टीम ने मंगलवार की दोपहर पटवार भवन में रिश्वत लेते हुए अजय दहिया को रंगे हाथ पकड़ लिया। पटवारी ने बचने के लिए पटवार भवन की छत से पीछे की ओर छलांग भी लगा दी थी मगर वह सफल नहीं हो पाया। फिलहाल विजिलेंस की टीम ने आरोपित अजय दहिया को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

विजिलेंस ने ऐसे बिछाया जाल

बताते है कि अजय दहिया ने जमीन की खेवट अलग कराने के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत पहले भी ले चुका था। उसके बाद पटवारी ने नरेंद्र से 37 हजार की मांग की। इस बार नरेंद्र ने परेशान होकर मामला विजिलेंस के समक्ष रखा।

इधर, रिश्वत की राशि सौंपे जाने की सूचना के बाद जैसे ही विजिलेंस ने पटवारी अजय दहिया को पकड़ने की कोशिश की, जिसकी उसे किसी तरह से पहले ही इसकी भनक लग चुकी थी। इस दौरान उसने पटवार भवन की छत से पीछे प्लाट में छलांग लगा दी। विजिलेंस की टीम भी उसके पीछे पीछे भागी। अजय को भागते हुए जब लोगों ने देखा तो उसे वहीं पर पकड़ लिया। फिर विजिलेंस ने नोटों का मिलान किया। उसके बाद उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले आई।

विजिलेंस ने महिला थानेदार को रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार

पिछले दिनों गांव कोयलपुर निवासी का महिला थाने में कोई मामला था। इसी मामले को लेकर महिला थानेदार उसे मामले में झूठा फंसाने की बात कह रही थी। जिसमें वह पचास हजार रूपये की रिश्वत मांग रही थी। तीस हजार की रकम महिला थानेदार को दे भी दी गई थी। शिकायत पर हरकत में आई विजिलेंस विभाग की टीम ने उसे दस हजार रूपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा था।

रिश्वत लेते मत्स्य विभाग के दो अधिकारी हुए थे गिरफ्तार

पिछले दिनों मत्स्य विभाग के दो अधिकारियों को पानीपत विजिलेंस की टीम ने 70 हजार रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने किसान से साढ़े चार लाख रुपये की सब्सिडी देने के एवज में 90 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें से किसान पहले 60 हजार रुपये दे चुका था।

Edited By: Naveen Dalal

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