भिवानी, जागरण संवाददाता। भिवानी के डाडम में पहाड़ का बड़ा हिस्सा ढहने से चार की मौत हो गई। मरने वालों में तीन लोग छतीसगढ़, राजस्थान और यूपी के थे। घायलों को हिसार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ और लोगों के भी पहाड़ के नीचे दबे होने की आंशका जताई जा रही है। पहाड़ ढहने से चार माइनिंग मशीन भी नीचे दब गई। बचाव कार्य में यहां काम करने वाले, स्थानीय लोगों के अलावा अन्य लोग भी लगे हैं। यह घटना सुबह की बताई जा रही है। पहाड़ के दरकते ही आस पास हड़कंप मच गया। बचाव कार्य में लोग जुट गए। विभाग या सरकार की तरफ से तीन घंटे बाद तक सहायता के लिए कोई स्पेशल टीम नहीं पहुंची थी। मृतकों में दो के शव भिवानी आने की बात कही जा रही है पर अभी तक भिवानी के सरकारी अस्पताल में कोई शव नहीं पहुंचा है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जताया दुख

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भिवानी के डाडम हादसे पर दुख जताया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री खुद रेस्कयू आपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

गृह मंत्री अनिल विज ने भी ट्वीट कर जताया दुख

डाडम की पहाड़ी के आस पास जंगल का इलाका, बचाव कार्य में जुटी टीमें

डाडम का पहाड़ सुबह अचानक ढह गया। इसके चलते यहां काम करने वालों में कई लोग नीचे दब गए। अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि कितने लोग पहाड़ के नीचे दबे हैं। जानकारी के अनुसार पहाड़ के नीचे चार माइनिंग मशीन पोकलेन, दो ड्रिल और डंपर भी दबे होने की सूचना है।

 

कृषि मंत्री भी मौके पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलने के बाद कृषि मंत्री जेपी दलाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया। इसके अलावा नागरिक अस्पताल तोशाम से डाक्टरों की टीम भी मौके पर मौजूद है। वन विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है। माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे है।

कृषि मंत्री जेपी दलाल घटनास्थल का जायजा लेते हुए।

घटनास्थल का जायजा लेने पहंचे सांसद धर्मबीर सिंह

डंपर चालकी की जुबानी, लगा कि जैसे कुछ भी नहीं बचेगा

घटना के गवाह खानक निवासी जसवंत ने बताया कि जमीन से 100-150 फीट नीचे खनन होता है। शनिवार सुबह चार पोपलैंड मशीनें और चार डंपर वहां मौजूद थे। मैं भी वहीं अपने डंपर में था। करीब साढ़े नौ बजे अचानक धुल का गुब्बार छा गया और जोरदार धमाके के साथ बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। यह करीब दो मिनट चला। आंखें बद हो गईं और रूह कांप उठी। लगा जैसे कि अब कुछ नहीं बचेगा। पत्थर लगने से उसका डंपर थोड़ा खिसका जरूर पर भगवान का शुक्र है कि उसकी जान बच गई।

नहीं मिला संभलने का मौका

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी पिंजोखरा निवासी चालक सतपाल ने बताया कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। पलक झपकने जितने समय में सब कुछ हो गया। धूल में कुछ नजर नहीं आ रहा था। जोरदार धमाके के साथ गिरे पत्थर ने उसके डंपर को करीब 20 फीट आगे खिसका दिया। घबराहट के मारे मेरा बुरा हाल था। यूं लगा जैसे मौत अपनी और खींच रही है। दो-तीन मिनट बाद धमाकों का शोर और धुल का गुब्बार छटा लोग घटनास्थल की ओर दौड़ते दिखे। खुद के जिंदा होने का यकीन नहीं हो रहा था। 

उपायुक्त आरएस ढिल्लो और पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत डाडम पहाड़ पर घटना स्थल का मुआयना करते हुए।

मलबा हटाने के बाद ही होगी पुष्टि

एसएचओ सुखबीर जाखड़ ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। राहत और बचाव का कार्य जारी है, घटनास्थल से मलबा हटाया जा रहा है। मलबे के नीचे कितने लोग दबे हैं इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। मलबा हटने के बाद ही पूरा पता चल पाएगा।

हादसे के कारणों की हो रही जांच

भिवानी के पुलिस अधिक्षक अजीत शेखावत ने कहा कि हादसे में दो लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। बचाव कार्य चल रहा है। पत्थर तोडऩे के लिए ब्लास्टिंग की जा रही है। और कितने लोग दबे है यह इसके बाद ही पता चलेगा। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। 

Edited By: Rajesh Kumar