हिसार, जेएनएन। छठ महापर्व का नहाय खाय के साथ बृहस्पतिवार को शुरू हो गई। पूर्वांचल के लोगों ने इस दौरान गंगाजल के साथ स्नान किया। परिवार के साथ वह अरवा चावल, चने की दाल एवं कद्दू एवं घीया की सब्जी बनाकर भोजन किया। पूर्वांचल के परिवार के लोग अब एक नवंबर से खरना के साथ व्रत रखेंगे। परिवार एक नवंबर से तीन नवंबर सुबह तक व्रत रखेंगी और हर रोज शाम को व्रत खोलेंगी।

शहर में पूर्वांचल के करीब 40 हजार लोग है। छठ महापर्व को मनाने के लिए 25 से ज्यादा घाट बनाए गए हैं। पूर्वांचल समाज की तरफ से एक नवंबर को व्रत रखने के साथ दो नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्‍य दिया जाएगा और तीन नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्‍य दिया जाएगा। समाज की तरफ से इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। घाट पर पानी भरने के साथ उनको सजाया गया है। साफ सफाई के अलावा रंग रोगन किया गया है। परिवार की तरफ से छठ महापर्व की तैयारी तेज कर दी गई है।

अब तीन दिन ये करेंगे पूर्वाचंल परिवार के लोग

1 नवम्बर : दिनभर उपवास रहकर सायंकाल अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पूजा करके खीर और पूरी का भोग लगाकर हवन किया जाएगा। शहर में बने घाट जगाने के उपरांत सभी जाति के व्रती खरना के प्रसाद मांगकर ग्रहण करते हैं। जात-पात का भेदभाव छठ पर्व के मौके पर नहीं होता। सूर्य भगवान सबके लिए प्रकाश देते हैं। यह पर्व समरसता का त्यौहार है।

- 2 नवम्बर : प्रात: 6 बजे शंख ध्वनि के साथ महापर्व का शुभारंभ होगा। प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक घाट पूजन एवं घाट संरक्षण का कार्यक्रम चलेगा। 12 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक सवा ङ्क्षक्वटल गन्ना, फूलमाला एवं छठ माता का श्रृंगार किया जाएगा। 3 बजे से सूर्य षष्ठी महायज्ञ प्रारंभ एवं सूर्य संहिता के विशेष मंत्रों द्वारा आचार्य शिवपूजन मिश्र एवं आचार्य सुरेश प्रसाद मिश्र व कांशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार से आए हुए विद्वानों द्वारा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। 4 बजे से 4:30 बजे तक सूर्य सहस्त्र नामों से हवन किया जाएगा। सायं 5 बजे से अस्ताचल सूर्य को दूध एवं त्रिवेणी जल से अर्घ्‍य दिया जाएगा। इसके उपरांत 5:30 बजे से 6 बजे तक सूर्य भगवान की जिंदल पार्क में बने घाट में 11 लाख ज्योतों द्वारा महाआरती की जाएगी।

3 नवम्बर : प्रात: उगते हुए सूर्य को अर्घ्‍य दिया जाएगा

---नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू हो गया है। अब तीन दिन पूर्वांचल समाज के लोग व्रत रखेंगे। ङ्क्षजदल पार्क में बनाए गए जिंदल सरोवर घाट पर पानी भरने के साथ अन्य तैयारी पूरी कर ली गई है।

- मुरलीधर पांडेय पूर्वाचल, महासचिव, जन कल्याण संगठन समिति

यहां-यहां मुख्य घाट

शहर में अनेक जगह पर घाट बनाकर पूजा की जाती है। पूर्वांचल समितियों की तरफ से मुख्य रूप से ङ्क्षजदल पार्क, मिर्जापुर रोड स्थित गवर्नमेंट कॉलोनी, आजाद नगर स्थित राजगढ़ रोड नहर, सातरोड नहर, ङ्क्षजदल स्कूल रोड पर बने घाट, सेक्टर 1-4 माइनर आदि जगह पर घाट बनाया जाता है। इसके अलावा शहर में काफी जगह पर करीब 25 घाट तक बनाए जाते है जहां लोग पूजा करते है।

--नहाय खाय के साथ छठ महापर्व शुरू हो गया है। राजगढ़ रोड स्थित नहर पर पूर्वांचल के लोग एकत्रित होंगे। वहां पर विधायक डा. कमल गुप्ता मौजूद रहेंगे।

- सुजीत कुमार, संस्थापक, पूर्वांचल छठ सेवा समिति, आजाद नगर

Posted By: Manoj Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस