विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हरियाणा में हवा हुई जहरीली! कैथल-गुरुग्राम समेत कई शहरों का AQI 300 पार

Published: Mon, 02 Nov 2026 01:21 PM (IST)

नवंबर की शुरुआत के साथ हरियाणा के कई शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब हुई है। कैथल, गुरुग्राम, ...और पढ़ें

मिठी ठंड के साथ बिगड़ी हरियाणा की हवा।

मिठी ठंड के साथ बिगड़ी हरियाणा की हवा।

HighLights

  1. हरियाणा के कई शहरों में वायु गुणवत्ता गंभीर हुई।

  2. कैथल, गुरुग्राम, फरीदाबाद में AQI 300 के पार।

  3. धीमी हवा और PM2.5, PM10 स्तर बढ़ने से प्रदूषण।

राहुल रापड़िया, हिसार। नवंबर की शुरुआत के साथ सुबह-शाम ठंड अपना असर दिखा रही है। दोपहर में भी मिठी ठंड का अहसास हो रहा है। ऐसे में हरियाणा के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता इससे बुरी तरह से प्रभावित हुई है।

दो नवंबर की सुबह आठ बजे तक के उपलब्ध केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) और सफर के समेकित आंकड़ों में कैथल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार दर्ज किया गया। कैथल 324 के साथ सबसे ऊपर रहा।

हिसार में भी सूचकांक 188 तक पहुंच गया। एक नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शाम चार बजे जारी बुलेटिन में हिसार का एक्यूआई 133 था। मान सकते हैं कि हिसार ही नहीं कई अन्य शहरों की हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती जा रही है। इन आंकड़ों के अनुसार, हवा की कम गति और वातावरण की मिश्रण ऊंचाई घटने से प्रदूषकों का फैलाव सीमित हो रहा है। सोनीपत और पानीपत समेत पांच शहर भी खराब श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।

शहर एक्यूआई श्रेणी
कैथल 324 गंभीर
गुरुग्राम 318 गंभीर
फरीदाबाद 312 गंभीर
बहादुरगढ़ 305 गंभीर
सोनीपत 292 खराब
पानीपत 284 खराब

स्रोत : दो नवंबर, सुबह आठ बजे तक के सीपीसीबी, आईआईटीएम और सफर के समेकित आंकड़े।

हिसार समेत पश्चिमी जिलों में भी बढ़ा प्रदूषण

हिसार, भिवानी और सिरसा में भी एक्यूआई बढ़ा है। एक नवंबर को सीपीसीबी के शाम चार बजे के बुलेटिन में हिसार का सूचकांक 133, भिवानी का 108 और सिरसा का 106 था। दो नवंबर की सुबह के समेकित आंकड़ों में तीनों जिलों का सूचकांक बढ़कर क्रमशः 188, 175 और 164 हो गया।

पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ा

दो नवंबर की समेकित रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 का औसत स्तर 175 से 195 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। हिसार और रोहतक में यह 110 से 130 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। एनसीआर के सोनीपत, पानीपत और गुरुग्राम क्षेत्र में पीएम 10 का स्तर 310 से 345 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंचने की सूचना है।

प्रदूषक दर्ज स्तर रिपोर्ट में दिया मानक

  • पीएम 2.5, गुरुग्राम-फरीदाबाद 175–195 60 माइक्रोग्राम/घन मीटर
  • पीएम 2.5, हिसार-रोहतक 110–130 60 माइक्रोग्राम/घन मीटर
  • पीएम 10, एनसीआर के कुछ क्षेत्र 310–345 100 माइक्रोग्राम/घन मीटर
  • स्रोत : दो नवंबर की उपलब्ध समेकित रिपोर्ट। ये सांद्रता के आंकड़े हैं, एक्यूआई नहीं।

धीमी हवा से प्रदूषकों का फैलाव प्रभावित

समेकित रिपोर्ट में सतह पर हवा की गति 2.4 से 4.1 किलोमीटर प्रति घंटा, सुबह मिश्रण ऊंचाई 150 से 200 मीटर और सापेक्ष आर्द्रता 78 से 88 प्रतिशत सामने आ रही हैहै। हवा की कम गति और मिश्रण ऊंचाई घटने से प्रदूषक कण निचली वायुमंडलीय परत में जमा रह सकते हैं। वहीं एक नवंबर की आईआईटीएम रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में दृश्यता औसत 500 मीटर से कम आ गया है।

प्रदूषित हवा में सावधानी जरूरी

खराब और गंभीर श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण अधिक होने पर खुले में लंबे समय तक रहने से बचना और जरूरत के अनुसार बचाव के उपाय अपनाना उपयोगी है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।