पवन सिरोवा, हिसार :

विधानसभा चुनाव सम्पन्न होने के अगले ही दिन बेहतर फसल का असर बाजारों में नजर आया। मंगलवार को शहर के विभिन्न बाजारों में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि बदहाल पार्किंग व्यवस्था की पोल खुल गई। सामान्य दिनों में जहां बाजार में अतिक्रमण व अव्यवस्थित पार्किंग के कारण ट्रैफिक बाधित होता ही रहता था। वहीं मंगलवार को हजारों की संख्या में पहुंचे ग्राहकों के कारण वाहन निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। अतिक्रमण और बदहाल पार्किंग व्यवस्था के कारण राजगुरु मार्केट, बिश्नोई मार्केट, आर्य समाज मार्केट, तलाकी गेट मार्केट, वकीलान बाजार, पूजा मार्केट सहित बाजारों में मंगलवार को बार-बार सड़क पर जाम लगते रहे। हालात ये थे कि जाम से निजात दिलाने के लिए न तो ट्रैफिक पुलिस नजर आ रही थी और न ही राजगुरु मार्केट पार्किंग के कारिदे। ऐसे में मंगलवार का दिन जनता के लिए बाजार में खरीदारी के साथ-साथ अव्यवस्थित पार्किंग के कारण परेशानी का सबब बना। ऐसे में व्यापारी, दुकान से लेकर ग्राहक तक बेहतर पार्किंग व्यवस्था की उम्मीद प्रशासन से लगाए हुए हैं।

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जाने बाजारों के हालात

राजगुरु मार्केट : 6 जून 1970 में बड़ी तरतीब से नक्शा बना। शहर का चांदनी चौक कहे जाने वाली राजगुरु मार्केट बनी, जिसमें एक-दो नहीं बल्कि करीब 5 पार्किंग स्थल बनाए। जो आज अतिक्रमण का शिकार हो गए और पार्किंग सड़क पर लग रही है। राजगुरु मार्केट के हालात ये है कि 54.7 फीट सड़क दुकानदारों के कब्जे, सड़क पर फड़ व रेहड़ियों व अव्यवस्थित पार्किंग के कारण मंगलवार को ग्राहकों के लिए 5 फीट चौड़ी रह गई थी, जिसके कारण बार बार जाम लग रहा था। नागोरी गेट से राजगुरु मार्केट व वकीलान बाजार की तरफ तो जाम की हर समय स्थिति बनी रहती है।

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आर्य समाज मार्केट: 10 मार्च 1986 को नक्शा बनाकर मार्केट तैयार की गई। मार्केट के नक्शे में फुटपाथ भी बने जो गायब हो गए। पार्किंग सड़क पर है। जहां पार्किंग बनाई वहां फूल मार्केट तैयार हो गई। यानि पार्किंग पर कब्जा और जनता के लिए बनी सड़क पर पार्किंग कर मार्केट का जोगरफिया ही बदल दिया। अब हालात ये हैं कि आर्यसमाज मार्केट से मेन सड़क और बिश्नोई मार्केट कोने पर प्रतिदिन जाम लगता है।

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भगत सिंह चौक मार्केट: साल 1985 में भगत सिंह चौक से बाल्मीकि चौक तक मार्केट बनी, जिसमें पार्किंग भी थी। जहां आज कब्जे हो गए हैं। सड़क पर वाहन खड़े होते हैं। वहीं राजगुरु मार्केट के साथ लगती पूजा मार्केट व अंदरुनी मार्केट पार्किंग गायब है। ऐसे में इन मार्केट में जनता के पास सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा करने के अलावा दूसरा विकल्प दूर का क्षेत्र ही है।

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शहर की चांदनी चौक कही जाने वाली राजगुरु मार्केट के नक्शे में 5 पार्किंग सब पर कब्जे

- रामचाट के पास पार्किंग स्थल है, जिसमें मेजें सज गईं।

- रामचाट के सामने शोरूम के आगे पार्किंग है, जहां रेहड़ी व स्टाल लग गईं।

- रामचाट से ठेके की तरफ की दुकानों के सामने भी पार्किंग।

- तेलीयानपुल से मार्केट में आते हैं तो बिलकुल सामने भी पार्किंग है, जहां दुकानदारों का सामान फैला है।

- नागोरी गेट से राजगुरु मार्केट में पिकासो वाले के नजदीक पार्किंग।

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पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए मार्केट में ये है बड़ा विकल्प

- राजगुरु मार्केट की दुकान नंबर 2 से करीब 120 तक के पीछे बिश्नोई मार्केट की तरफ खाली जगह है। जो पार्किंग के लिए सबसे बेहतर विकल्प है। इस एरिया में आसानी से दुपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं। यह जगह मार्केट के अंदर है इसलिए लोगों को मार्केट में सामान लेने के लिए पैदल दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस जगह पर अतिक्रमण की तैयारी भी नजर आ रही है। ऐसे में यह सरकारी जगह का सदुपयोग भी हो सकेगा और अतिक्रमण से बचाव भी हो जाएगा।

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व्यापारियों और ग्राहकों ने बताए अव्यवस्थित पार्किंग दुरुस्त करने के ये हैं बेहतर विकल्प

- वक्त आ गया है कि मार्केट में फोरव्हीलर वाहनों की एंट्री बैन जरूरी।

- सभी पार्किंग स्थल खाली करवाए जाएं।

- पंजाबी धर्मशाला के सामने स्कूल की खाली जगह।

- कुरुक्षेत्र गोशाला की खाली जगह में त्योहार पर अस्थाई पार्किंग व्यवस्था हो सकती है।

- तलाकी गेट पार्किंग, गुरुद्वारे के पीछे की पार्किंग को दुरुस्त करवाए। सड़कों से वाहन हटवाए।

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पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसमें व्यापारी, दुकानदार और जनता सभी सहयोग करें। त्योहारी सीजन में सभी के सहयोग से पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त होगी। पार्किंग व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए मार्केट में पार्किंग के नए विकल्प तलाशकर उन पर भी कदम उठाया जाएगा।

- डा. प्रदीप हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम हिसार।

Posted By: Jagran

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