सुभाष पंवार, सिवानीमंडी : भारतीय सभ्यता और संस्कृति के बारे में जानने के लिए जर्मनी के 16 विद्यार्थियों का ग्रुप सिवानी मंडी पहुंचा। जर्मनी के फनीलाइट जिमलेजियम ग्रामर स्कूल के ये 16 विद्यार्थी अदला-बदला शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत यहां आए। शुक्रवार को सिवानी के श्री बाला जी मंदिर में पहुंचे। जहां स्कूल स्टाफ के सदस्यों के साथ पूजा अर्चना की। मंदिर के सह पुजारी उमेश शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को बाबा का तिलक लगाकर स्वागत किया। शहर के शानदार मंदिर को देख जर्मनी विद्यार्थी काफी खुश नजर आए।

जर्मनी के टटूटगट शहर के फनीलाइट जिमलेजियम ग्रामर स्कूल के 16 विद्यार्थी एक विदेशी अदला-बदला शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत निकट के बीआरजेडी स्कूल भोरूग्राम में पहुंचे। विद्यार्थयों ने सिवानी शहर के श्री बाला जी मंदिर व गांव बुदसैली के श्री बाला जी मंदिर के दर्शन करवाए। वही बीआरजेडी स्कूल अंग्रेजी प्रवक्ता सतपाल कस्वा व विनोद पूनिया ने जर्मनी के विद्यार्थियों को श्री बाला जी, श्री श्याम प्रभु, मां दुर्ग, शिव परिवार व राम दरबार के बारे में विस्तार से बताया और हरियाणा के बारे में कई जानकारी दी। जर्मनी विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर आए। बच्चों व उनके शिक्षक हंस युगर्ट व थानिया गेयरिग भारत के देव देवताओं के बारे सुनकर काफी प्रभावित हुए।

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13 दिनों तक भारत भ्रमण पर विद्यार्थी व शिक्षक

सतपाल कस्वां ने बताया कि स्कूला के विदेशी अदला-बदली शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत ये बच्चे 13 दिनों के भारत भ्रमण के तहत बीआरजेडी स्कूल में आए है। अब इनको भारत की शैक्षणिक जानकारी के अलावा अन्य प्रकार की जानकारी भी मुहैया करवानी है जो कि वो करवा रहे है। पहले दिन जर्मनी बच्चों को मंदिरों व सिवानी का भ्रमण करवाया गया है वहीं बच्चों ने ऊंट गाड़ी की भी सवारी की। ये बच्चें 29 को वापस जर्मनी के लिए रवाना होंगे। इस दौरान आगरा, दि?ल्ली आदि शहरों का भी भ्रमण करवाया जाएगा वही कक्षाएं भी लगाई जाएगी।

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धार्मिक भावना से हैं प्रभावित

जर्मनी के शिक्षक हंस युगर्ट व थानिया गेयरिग ने कहा कि भारत के बारे में काफी कुछ सुना लेकिन सजाई। आज आकर देखी कि वास्तव में भारत के लोग बहुत भोले भाले होते है और धर्म के प्रति उनकी बेहद रुचि है। ये बात सिवानी व बुदसैली के मंदिर में आकर सच साबित हो गई। उन्होंने कहा कि वास्तव में भारत विश्व गुरू है और होना भी चाहिए क्योंकि यहां की संस्कृति ही ऐसी है। इसके अलावा शहर के वार्ड एक में कस्वां के आवास पर भोजन के समय महिलाओं ने जर्मनी स्कूली छात्राओं का तिलक लगाकर स्वागत किया और मंगल गीत गाती हुई उनको भोजन तक ले गई।

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जर्मनी विद्यार्थियों ने कहा कि वट ए डिलिसीएस फूड जर्मनी विद्यार्थियों को ठेठ हरियाणा की तरह जमीन पर आसन लगाकर भोजन करवाया। भोजन में हलवा, पुरी, कढ़ी व छोले की सब्जी का भोजन कर स्कूल बच्चे खुश हो गए। भोजन करके उठे तो बोले, वट ए डिलिसीएस फूड।

Posted By: Jagran

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