जागरण संवाददाता, हिसार : पेयजल व नहरी पानी की समस्या से जूझ रहे गांव बुड़ाक के ग्रामीणों का फव्वारा चौक स्थित नहरी विभाग के अधीक्षक अभियंता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना व प्रदर्शन रविवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता बलवान जांगड़ा और हवासिंह यादव ने संयुक्त रूप से की। बैठक में आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी रणनीति तैयार की गई।

धरने को संबोधित करते हुए जांगड़ा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ग्रामीण तीन दिनों से धरने पर बैठे है, लेकिन कोई भी अधिकारी धरना स्थल पर बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों के पास आंदोलन को तेज करने के अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं है। धरना स्थल पर सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए सोमवार को गांव बुड़ाक के आस पास के 13 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही धरना स्थल पर सांझा जल संघर्ष समिति के सदस्यों को बुलाकर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गांव में पेयजल व नहरी पानी की समस्या को लेकर कई बार आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन अधिकारी व नेतागण केवल सुनवाई नहीं करते और ग्रामीणों की समस्या लंबे अरसे के बाद भी ज्यों की त्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा और सोमवार से धरना स्थल पर संख्या बल बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर दिनेश ढिल्लो, सुभाष श्योराण, कुलदीप पूनिया, दिनेश कारेला, राजकुमार दहिया, बलबीर दहिया, सुरेंद्र बुड़ाकिया, पृथ्वी खारिया और रामभगत जांगड़ा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

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