जागरण संवाददाता, हिसार : कारोबारी हो या छोटे दुकानदार सभी को अब ट्रेड (व्यापार) लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। साल 2019 में ट्रेड लाइसेंस नहीं लेने या नवीनीकरण नहीं करवाने वाले पर निगम लोकसभा चुनाव के बाद शिकंजा कसेगा। पहले नोटिस के बावजूद भी जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिया। उनका कारोबार सील करने से पहले उन्हें दूसरा नोटिस भेजने की तैयारी है। इसके लिए सक्षम युवाओं के माध्यम से निगम प्रशासन ने 11400 छोटे बड़े कारोबारियों की लिस्ट तैयार की है। जिनमें से अधिकांश ऐसे है जिन्होंने ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया। आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए लोकसभा चुनाव के बाद निगम प्रशासन इन्हें दूसरा नोटिस भेजेगा। फिर भी इन्होंने सुध न लेने आगामी समय में सील करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर निगम कर क्षेत्रफल 92.78 स्क्वेयर किलोमीटर है। जिसमें मनोरंजन, शिक्षण और चिकित्सा और छोटे व बड़े कारोबारी और दुकानदार सभी शामिल है। जिन्हें ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। साथ ही ये लाइसेंस समय-समय पर नवीनीकरण भी करना होता है। ट्रेड लाइसेंस के लिए कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग फीस तय है। जनवरी 2019 तक करीब 500 छोटे बड़े कारोबारी या दुकानदारों के पास ही ट्रेड लाइसेंस है। बाकी सभी बिना लाइसेंस के ही कारोबार कर रहे है। हरियाणा नगर निगम एक्ट 1994 के अनुसार ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है। निगम को इससे करोड़ों की आय हो सकती है। 20 हजार कारोबार में औसतन प्रति कारोबार एक हजार रुपये फीस भी माने तो 2 करोड़ की आय हो सकती है।

गृहकर शाखा के अनुसार शहर में

प्रॉपर्टी की यह है स्थिति . शहर में वार्ड- 20

. कुल कालोनी - 204

. कुल प्रोपर्टी - 136296

. रिहायशी - 63025

. कमर्शियल - 9623. छोटे-बड़े कारोबारियों की तैयार की गई लिस्ट - 11400

. सक्षम युवा सर्वे के अनुसार शहर में अनिमानित छोटे-बड़े करोबार - करीब 20,000 बाक्स :-

पूर्व में डीएमसी कर्मचारियेां की ले चुके है बैठक

हरियाणा सरकार की अधिसूचना के तहत 17 मार्च 2010 को नगर निगम का गठन हुआ था। साल 2010 में निगम के गठन के साथ ही नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत शहर में कारोबार करने वाले छोटे से लेकर बड़े उद्योगपतियों तक के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। मगर अफसरों की सुस्त कार्यप्रणाली कहें या निगम की लापरवाही ट्रेड लाइसेंस का सालाना आंकड़ा 1 हजार के आसपास ही सिमटा रहा। जबकि साल 2018-19 के सर्वे के अनुसार करीब 20 हजार कारोबार चल रहे है। निगम अफसर लंबे समय से सुस्त कार्यप्रणाली दिखा रहे थे। ऐसे में निगम में डीएमसी का कार्यभार संभालने के बाद प्रदीप हुड्डा ने निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाया। उन्होंने बैठकर कर्मचारियों को लाइसेंस के कार्य में तेजी लाने के बारे में दिशा निर्देश दिए।

बाक्स

जानिए.. नगर निगम अधिनियम 1994 के मुताबिक 1. धारा 330 में निगम सीमा में किसी भी प्रकार औद्योगिक ईकाई का चलाना, स्थापना करना, उसे किसी प्रकार से बदलना या बढ़ाना इत्यादि के लिए निगम ने अनुमति लेनी होती है।

2. धारा 331 में किसी भी अनुमति में हरियाणा नगर निगम अधिनियम में दी गई द्वितीय सूची के तहत वस्तुओं के भंडारण पर लाइसेंस लेना अनिवार्य है। 3. धारा 335 में किसी भी व्यक्ति द्वारा भोजनालय, धोबीघाट, होटल या अन्य किसी प्रकार के जलपान करने की जगह को रखने या चलाने के लिए निगम का लाइसेंस अनिवार्य। 4. धारा 336 में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार रंगमंच, सर्कस, सिनेमा हॉल, अन्य प्रकार के हॉल व जगह जहां पर मनोरंजन व प्रदर्शनी आदि के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

------------

शहर में छोटे बड़े सभी प्रकार का व्यापार करने वालों को ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य है। जिन्होंने लाइसेंस नहीं लिए उन्हें रुल के अनुसार नोटिस भेजे गए थे। नोटिस के बाद कई कारोबारियों व दुकानदारों ने लाइसेंस ले लिये थे। जिन्होंने नहीं लिए इस बारे में लोकसभा चुनाव के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

- प्रदीप हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम हिसार।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस