जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: 5 सितंबर को एस्मा लागू होने के बाद भी हड़ताल में शामिल होने के आरोप में रोडवेज के 23 कर्मचारियों को महाप्रबंधक गुरुग्राम डिपो ने तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद तीन कर्मचारियों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा राज्य परिवहन मुख्यालय की ओर से प्रदेश के सभी महाप्रबंधक को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इन आरोपित कर्मचारियों को अदालत से जमानत मिलने के बाद भी ड्यूटी पर न लिया जाए।

हरियाणा राज्य परिवहन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए 5 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की थी। इस हड़ताल को विफल करने के लिए सरकार ने प्रदेश में एस्मा कानून लगा दिया था। जिसके तहत कोई भी कर्मचारी छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकता। एस्मा के बावजूद भी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। गुरुग्राम डिपो में हड़ताल का कोई खास असर नहीं रहा था। अधिकारी अधिकतर बस चलाने में कामयाब रहे थे। महाप्रबंधक गौरव आंतिल की शिकायत पर बस परिचालन का विरोध करने वाले 23 कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा कानून की धारा पांच व सात और सीआपीसी की धारा 188 के तहत सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इन कर्मचारियों में से तीन कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपितों के खिलाफ पुलिस का अभियान चल रहा है।

सरकार के आदेश आने के बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही 23 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है।

डॉ. गौरव आंतिल, महाप्रबंधक, हरियाणा राज्य परिवहन, गुरुग्राम

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