महावीर यादव, बादशाहपुर

जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में एक से अधिक स्थानों पर वोट डालने वाले अधिवक्ताओं पर बार काउंसिल ने शिकंजा कस दिया है। बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए नियुक्त समिति ने भी इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। वोटरलिस्ट में अभी तक 400 अधिवक्ता एक से अधिक बार एसोसिएशन में रजिस्टर्ड पाए गए हैं। 150 अधिवक्ताओं ने तो इसी साल गुरुग्राम बार में एसोसिएशन में रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनको लेकर विवाद बढ़ रहा है। इसी विवाद को लेकर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी दो गुटों में बंट गए हैं।

जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर इस बार काफी गहमागहमी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय सिंह दायमा ने चुनाव अधिकारी तथा सहायक चुनाव अधिकारी नियुक्त कर पंजाब तथा हरियाणा बार काउंसिल को विधिवत सूचना दे दी। उसके बाद एसोसिएशन के महासचिव निकेश राज यादव ने अलग से चुनाव अधिकारी नियुक्त किए जाने की सूचना बार काउंसिल को दी। दो अलग-अलग सूचना मिलने के बाद बार काउंसिल ने इस मामले में दखल देना उचित समझा। चुनाव कराए जाने के लिए बार काउंसिल ने अनिल यादव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया।

आसपास की एसोसिएशनों से सूची मंगाई

बार काउंसिल ने एक से अधिक बार एसोसिएशन में वोट डालने को लेकर नई व्यवस्था दी है। इसके तहत पूरे प्रदेश में एक साथ 17 दिसंबर को बार एसोसिएशन का चुनाव कराया जाना तय किया गया। एक दिन ही चुनाव होने की स्थिति में भी दो से चार घंटे के सफर में कोई भी अधिवक्ता एक से अधिक स्थान पर वोट डालने जा सकता है।

चुनाव कराने के लिए गठित समिति के चेयरमैन अनिल यादव ने ऐसे अधिवक्ताओं पर शिकंजा कसने के लिए नई व्यवस्था बनाई है। सभी अधिवक्ताओं से हलफनामा लिया जाएगा कि वे एक सिर्फ बार एसोसिएशन चुनाव में वोट डालेंगे। इसके अलावा किसी अन्य एसोसिएशन के चुनाव में वह वोट नहीं डालेंगे। मतदाता सूची तैयार करने के लिए अलग से काम किया जा रहा है।

चुनाव समिति ने सोहना, पटौदी, फिरोजपुर झिरका, झज्जर, रेवाड़ी, फरीदाबाद और आसपास के जिला बार एसोसिएशनों से मतदाता सूची मंगा ली है। इनकी मतदाता सूचियों में जिन अधिवक्ताओं के नाम दर्ज हैं, उनकी अलग से सूची तैयार की जा रही है।

जिला बार एसोसिएशन में रजिस्टर्ड हैं 7400 अधिवक्ता

जिला बार एसोसिएशन में 7400 अधिवक्ता रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 3800 के करीब अधिवक्ता जिला अदालत में प्रेक्टिस करते हैं। इसके अलावा 900 अधिवक्ता ऐसे हैं, जो आसपास की अदालतों में भी रजिस्टर्ड हैं। इन अधिवक्ताओं के वोट को लेकर काम किया जा रहा है। 4 दिसंबर तक बार काउंसिल को मतदाता सूची भेजी जानी थी। मगर एक से अधिक स्थानों पर रजिस्टर्ड अधिवक्ताओं के नाम काटे जाने को लेकर चुनाव समिति गहन मंथन कर रही है। इसके लिए मतदाता सूची तैयार करने को चुनाव समिति के चेयरमैन अनिल यादव ने बार काउंसिल से दो से तीन दिन का अतिरिक्त समय भी मांगा है।

बार काउंसिल का एक से अधिक स्थान पर मतदान रोकने का कदम सही है। चुनाव समिति के चेयरमैन अनिल यादव सुलझे हुए अधिवक्ता हैं। वे पहले भी चुनाव अधिकारी रह चुके हैं। करीब 150 अधिवक्ता ऐसे हैं जो दूसरी जिला अदालतों में प्रैक्टिस करते हैं। यहां केवल चुनावी माहौल बिगाड़ने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। उनकी पहचान के लिए चुनाव समिति काम कर रही है।

अभय सिंह दायमा, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन

सभी अधिवक्ताओं से एफिडेविट लिया जाएगा। जब तक वह एफिडेविट नहीं देंगें तब तक उनको वोट का अधिकार नहीं होगा। वोट लिस्ट तैयार करने पर काम किया जा रहा है। दो-तीन दिन में वोटर लिस्ट तैयार हो जाएगी। बोगस वोट किसी भी सूरत में नहीं करने दिया जाएगा।

अनिल यादव, चेयरमैन, चुनाव समिति

Edited By: Jagran