यशलोक ¨सह, गुरुग्राम

इंडस्ट्रियल हब गुरुग्राम में काफी सूक्ष्म एवं छोटे उद्योग ऐसे हैं जिन पर ना तो सरकार ध्यान दे रही है और ना ही सरकारी विभाग। इससे इनकी स्थिति दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। इन सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों वाले क्षेत्र को रिहायशी क्षेत्रों में होने के कारण नजरअंदाज किया जा रहा है। यहां तक कि इन्हें कई बार अवैध बताने से भी परहेज नहीं किया जाता। इन उद्योगों के संचालकों का कहना है कि इन्होंने सभी सरकारी मानकों का पालन करते हुए इस क्षेत्र में अपने उद्योगों को स्थापित किया है। यदि इनकी स्थिति खराब हुई तो बड़ी संख्या में लोगों के बेरोजगारी का खतरा पैदा हो जाएगा।

गुरुग्राम के बसईं, कादीपुर, शीतला माता कॉलोनी, दौलताबाद, बहरामपुर और पटौदी रोड पर सूक्ष्म उद्योगों की अच्छी खासी संख्या है। यहां इन्हें सड़क, सीवर और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। इससे परेशान आकर यहां के काफी उद्यमियों ने गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआइए) के पदाधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया। जीआइए द्वारा इन सूक्ष्म एवं छोटे उद्योगों की दिक्कतों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भी अवगत करा दिया है। इसके बाद से सभी सुधार की बाट जोह रहे हैं।

इन क्षेत्रों में रबर, इंजीनिय¨रग, गारमेंट से जुड़े काम, इलेक्ट्रिक, नट-बोल्ट एवं वेल्डिंग जैसे काम करने वाली सूक्ष्म औद्योगिक यूनिटें हैं। यहां इन्हें बुनियादी सहूलियत उपलब्ध नहीं हो रही हैं। दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के पदाधिकारी पवन कुमार जिंदल का कहना है कि सूक्ष्म एवं छोटे उद्योगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कादीपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी पूरण चंद यादव का कहना है कि दिनों दिन यहां के उद्योगों की स्थिति खराब हो रही है। जीआइए महासचिव दीपक मैनी का कहना है कि इन औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा करने के बाद पता चला है कि स्थिति काफी दयनीय है। बसईं, कादीपुर, शीतला माता कॉलोनी, दौलताबाद, बहरामपुर और पटौदी रोड में चल रहे सूक्ष्म एवं छोटे उद्योग बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस मामले को कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया गया था। सरकार द्वारा इन्हें बिजली आपूर्ति की जा रही है इनका जीएसटी में रजिस्ट्रेशन भी है। फिर इनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

- जेएन मंगला, अध्यक्ष गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन

Posted By: Jagran

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