जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: शहर के नेहरू मार्केट की 38 दुकानों को तोड़ा जा सकता है। ये दुकानें कई दशक पहले दुकानदारों को किराये पर दी गई थी और फिलहाल नगर निगम की संपत्ति हैं। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक 2008 में नगर निगम का गठन हुआ था और तब से दुकानदारों ने इन दुकानों के किराये का भुगतान भी नहीं किया है।

खास बात यह है कि इन दुकानों को दुकानदारों को सौंपते वक्त यह भी कहा गया था कि 15 दिन के नोटिस पर इन दुकानों को कभी भी खाली कराया जा सकता है। मंगलवार को इस संबंध में दुकानदार नगर निगम के संयुक्त आयुक्त -2 विवेक कालिया से मिले। नगर निगम की ओर से दुकानों को खाली करवाने के लिए मुनादी करवाई गई थी और संयुक्त आयुक्त ने अपने कार्यालय में दुकानदारों की सुनवाई की। बता दें कि गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने अग्रसेन चौक पर रोटरी के निर्माण और सड़क को चौड़ा करने के लिए नेहरू मार्केट में मौजूद 38 दुकानों को शिफ्ट करने की योजना बनाई है। इन दुकानों को 0.83 एकड़ पीडब्ल्यूडी की जमीन पर शिफ्ट करने की योजना है। --------

बनेगा स्काइवॉक, रोटरी और अंडरपास

गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने महावीर चौक पर जाम के झंझट को खत्म करने के लिए अंडरपास बनाने की योजना तैयार की है। इसके साथ ही अग्रसेन चौक पर रोटरी का निर्माण किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। महावीर चौक और अग्रसेन चौक का सुधारीकरण होने के बाद बस स्टैंड, रेलवे रोड, नागरिक अस्पताल, महरौली रोड, ओल्ड दिल्ली रोड पर ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो जाएगा। महावीर चौक पर महरौली-गुड़गांव रोड की तरफ से बस स्टैंड की तरफ एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ओल्ड दिल्ली रोड से जोड़ने के लिए सर्कुलेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा महावीर चौक पर ही पैदल राहगीरों के लिए सभी सड़कों से जोड़ते हुए एक स्काइवॉक भी बनाया जाएगा ताकि राहगीर इसके ऊपर से आसानी से अपने गंतव्य की ओर जा सकें।

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तीन लेन कैरिज-वे बनेगा

अग्रसेन चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए रोटरी (घुमावदार रास्ता) का निर्माण किया जाएगा। संकरी सड़क के कारण लग रहे जाम को दूर करने के लिए महावीर चौक से अग्रसेन चौक होते हुए पोस्ट ऑफिस तक तीन लेन का कैरिज-वे बनेगा। इसके लिए सड़क को चौड़ा किया जाएगा।

- -नेहरू मार्केट की 38 दुकानें नगर निगम की संपत्ति हैं। दुकानों के संबंध में निगम की ओर से मुनादी करवाई थी और दुकानदारों की सुनवाई की गई है। दुकानों को तोड़ना हैं या नहीं, इस बारे में निगम आयुक्त स्तर पर फैसला लिया जाएगा।

विवेक कालिया, संयुक्त आयुक्त-2 नगर निगम गुरुग्राम।

Posted By: Jagran