जागरण संवाददाता, मानेसर: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके शर्मा की अदालत ने अमित हत्याकांड में दोषी करार दिए गए युवक को उम्रकैद की सजा सुना दी। मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते वक्त यह भी निर्देश दिए कि दस हजार का जुर्माना भी भरा जाए। इस मामले में दो आरोपितों को अदालत 19 जुलाई को सबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है।

सात फरवरी 2016 को ऊंचा माजरा निवासी 25 वर्षीय अमित का शव गांव बिनौला में बनाए जा रहे रक्षा विश्वविद्यालय के नजदीक पड़ा मिला था। उसे चाकू से गोदकर मारा गया था। कई दिनों तक चली जांच व परिजनों के शक के बाद बिलासपुर थाना पुलिस ने हत्या के आरोप में अमित के गांव के ही रहने वाले धर्मेंद्र को पकड़ा था। पुलिस रिमांड पर आरपित ने कबूला था कि प्रॉपर्टी को लेकर अमित से उसका विवाद चल रहा था।

रंजिश के चलते ही उसने अमित की हत्या करने का प्लान बनाया और उसमें गांव के सुधीर व प्रदीप को शामिल कर अमित की चाकू से गला रेत हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया था। वहीं सुधीर व प्रदीप को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एसएस देशवाल ने बताया तमाम सबूतों एवं गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने धर्मेंद्र को दोषी मानते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुना दी। सबूतों के अभाव में सुधीर प प्रदीप बरी किए जा चुके हैं।

Posted By: Jagran

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