जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : तेज रफ्तार वाहन चलाकर तीन सगे भाइयों की जान लेने के आरोपित की तलाश सेक्टर-10 थाना पुलिस ने तेज कर दी है। जहां पर हादसा हुआ था वहां से लेकर आसपास जितने भी कैमरे लगे हुए हैं, सभी की फुटेज खंगाली जा रही है। शनिवार शाम तक आरोपित की पहचान नहीं हो पाई थी। इधर, गांव से स्वजन के आने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिए गए। सभी का अंतिम संस्कार पटौदी के नजदीक गांव ताजनगर में किया गया।

गांव ताजनगर में पिछले कई वर्षों से रहकर गांव हयातपुर में बर्तन और मोबाइल का कारोबार करने वाले मूल रूप से मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के गांव कचछवा निवासी 30 वर्षीय सुधीर पंडित, 28 वर्षीय रणधीर पंडित और 25 वर्षीय सुनील पंडित की बृहस्पतिवार रात सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वे दुकान बंद करने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। उसी दौरान सेक्टर-92 इलाके में एक तेज रफ्तार वाहन ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी थी। कोहरा होने की वजह से कैमरों में फोटो साफ नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस वजह से आरोपित की पहचान में दिक्कत आ रही है। जांच अधिकारी एएसआइ मंदीप का कहना है कि वाहन की पहचान होते ही आरोपित की पहचान हो जाएगी। आरोपित की गिरफ्तारी से ही साफ होगा कि आखिर हादसा कैसे हुआ। मृतकों के परिवार के अधिक सदस्य गांव ताजनगर में ही रहते हैं। इस वजह से तीनों का अंतिम संस्कार गांव ताजनगर में ही कर दिया गया।

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पुलिस ने बढ़ाई सक्रियता

घने कोहरे को देखते हुए थाना पुलिस अपने-अपने इलाके में सक्रियता बढ़ा दी है। साथ ही वाहन चालकों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि हादसा न हो। सभी से कोहरे के दौरान काफी कम स्पीड में वाहन चलाने को कहा जा रहा है। बता दें कि जिले में हर साल औसतन 400 से अधिक लोगों की मौत होती है। कोहरे के दौरान हादसों का आंकड़ा काफी बढ़ जाता है। गत वर्ष भी 400 से अधिक लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई थी।

Edited By: Jagran