PG से वेबसाइट-WhatsApp के जरिए देह व्यापार के कस्टमर तलाशते थे पति-पत्नी, किसके संरक्षण में चल रहा था नेटवर्क?
गुरुग्राम पुलिस ने एक दंपती को पीजी और ऑनलाइन माध्यम से देह व्यापार का संगठित रैकेट चलाने के आरोप में ...और पढ़ें

सेक्टर 38 स्थित इसी पीजी में चल रहा था देह व्यापार का धंधा। आर्काइव
HighLights
गुरुग्राम में पीजी और ऑनलाइन देह व्यापार चलाने वाला दंपती गिरफ्तार।
पुलिस ने दंपती को तीन दिन की रिमांड पर लिया, जांच जारी।
नाबालिग लड़की को जबरन देह व्यापार में धकेलने का खुलासा हुआ।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। पेइंग गेस्ट (पीजी) और शहर के अन्य हिस्सों में संगठित तरीके से देह व्यापार का नेटवर्क चलाने वाले गिद्ध रूपी दंपती को गुरुग्राम पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस मानव तस्करी (Human Trafficking) और ऑनलाइन देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क की परतें खंगालेगी।
लड़की कबूली- जबरन देह व्यापार में धकेला
शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि एक नाबालिग लड़की को करीब डेढ़ साल पहले काम दिलाने के बहाने एक एजेंसी गुरुग्राम लाई थी, जिसे आरोपी दंपती को बेच दिया गया। आरोप है कि दंपती ने नाबालिग को जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेला।
किराये के पीजी से ऑनलाइन संचालित होता था नेटवर्क
आरोपी दंपती की पहचान मूल रूप से भरतपुर (राजस्थान) निवासी साहिल और उसकी पत्नी रानी के रूप में हुई है। वे पिछले कई सालों से गुरुग्राम के हरि नगर स्थित अपने मकान में रह रहे थे और वहीं से ऑनलाइन माध्यम से इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे।
आरोपियों ने सेक्टर-38 के प्लॉट नंबर 27 में स्थित एक पीजी को किराये पर लिया हुआ था। इस पीजी के संचालन और रिसेप्शनिस्ट के काम के लिए भरतपुर निवासी जगजीत और सूरज को तैनात किया गया था। पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
8 महिलाओं समेत 21 लोग गिरफ्तार
शुक्रवार रात हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन ऊषा प्रियदर्शी ने पुलिस टीम के साथ मिलकर सफायर मॉल स्थित 18 स्पा सेंटरों में छापेमारी की थी। वहां मौजूद 30 महिलाओं में से एक ने पूछताछ के दौरान जबरन देह व्यापार कराए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर महिला आयोग और पुलिस ने शनिवार रात सेक्टर-38 स्थित पीजी पर छापेमारी कर 8 महिलाओं समेत 21 लोगों को हिरासत में लिया।
वेबसाइट और व्हाट्सएप से ग्राहकों की खोज
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी दंपती ऑनलाइन वेबसाइटों और व्हाट्सएप चैट के जरिए ग्राहकों से संपर्क साधते थे। ग्राहकों की मांग के आधार पर गेस्ट हाउस, गाड़ियों और अपने साथियों के माध्यम से लड़कियों को भेजा जाता था। पीजी से रेस्क्यू की गई महिलाओं को फिलहाल सिविल लाइंस स्थित 'वन स्टॉप सेंटर' में रखा गया है, जहां से उन्हें नारी निकेतन, करनाल भेजने की प्रक्रिया जारी है।
रिमांड के दौरान इन सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस
आरोपी साहिल और रानी तिवारी फिलहाल खेड़कीदौला थाना पुलिस की हिरासत में हैं। 3 दिनों की रिमांड अवधि के दौरान पुलिस निम्नलिखित बिंदुओं पर गहन पूछताछ करेगी...
- दंपती के संपर्क में और कितनी लड़कियां या महिलाएं काम कर रही थीं?
- किन-किन राज्यों से महिलाओं को तस्करी कर गुरुग्राम या दिल्ली लाया गया और उन्हें क्या झांसा दिया गया था?
- क्या यह गिरोह शहर के क्लबों में भी महिलाओं की सप्लाय में शामिल था?
- पिछले दो वर्षों से यह अवैध नेटवर्क किस-किसके संरक्षण में बेखौफ चल रहा था?
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