संवाद सहयोगी, सोहना (गुरुग्राम): बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार ने पिछड़ों और अनुसूचित जाति के लोगों के लिए काम नहीं किया। वर्तमान सरकार में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने यह बातें सोहना के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित सोहना से बसपा उम्मीदवार जावेद अहमद की रैली में कहीं। मायावती ने कहा कि पार्टी ने चुनावों में किसी भी दल से समझौता नहीं किया है। चुनाव में सर्व समाज के कार्यकर्ता को ही पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बनाया गया है।

मायावती ने कांग्रेस व भाजपा दोनों को लपेटे में लेते हुए कहा मंडल कमीशन की रिपोर्ट को किसी भी सरकार ने लागू नहीं किया था, जिसको वीपी सिंह सरकार ने लागू कराया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तंज कसते हुए कहा कि संघ प्रमुख हिदू राष्ट्र में मुस्लिम समाज को सुखी बताते हैं, जबकि वर्तमान में यह समाज काफी दुखी है। सरकारी नौकरियों में आजादी के बाद करीब 35 प्रतिशत मुस्लिम सरकारी नौकरियों में तैनात थे, जिनकी संख्या घटकर वर्तमान में मात्र दो प्रतिशत रह गई है।

मायावती ने कहा कि सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण गिने-चुने पूंजीपति लोगों का विकास हो रहा है। दोनों पार्टियां धन व बल के आधार पर चुनाव लड़ती हैं। उन्होंने लोगों को याद दिलाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चार बार सरकार बनी थी जिसमें गरीब, श्रमिक व आदिवासियों का विकास किया गया। इसके अलावा गुंडा तत्वों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया था। रैली में काफी संख्या में बसपा युवा कार्यकर्ता मोटरसाइकिलों के काफिले के साथ मौजूद रहे।

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