6 महीने में बदलेगी नेहरू स्टेडियम की तस्वीर, 9 करोड़ से बनेगा 100 खिलाड़ियों का हाईटेक हॉस्टल
गुरुग्राम के नेहरू स्टेडियम में 9 करोड़ रुपये की लागत से नया खेल छात्रावास बनाया जा रहा है। यह 6 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।

सांकेतिक तस्वीर (एआई जनरेटेड इमेज)
HighLights
नेहरू स्टेडियम में नौ करोड़ का नया खेल छात्रावास
हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम करेगा निर्माण
100 खिलाड़ियों के लिए छह माह में होगा तैयार
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नेहरू स्टेडियम में खेल छात्रावास की नई इमारत बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके निर्माण पर करीब नौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) पुरानी इमारत को तोड़ने से लेकर नई इमारत के निर्माण तक का काम करेगा। करीब 100 खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था वाले इस छात्रावास का निर्माण अगले छह महीने में पूरा करने की तैयारी है।
जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) आरती कोहली ने बताया कि एचएसआरडीसी ने निर्माण कार्य के लिए नौ करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। हरियाणा खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने खेल सुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में भी उन्होंने जिला खेल अधिकारी को जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
2015 में बंद हो गया था छात्रावास, तभी से नई इमारत की मांग
नेहरू स्टेडियम में दशकों पहले प्रदेश का पहला खेल छात्रावास स्थापित किया गया था। यहां रहकर खिलाड़ी विभिन्न खेलों का अभ्यास करते थे। हालांकि, इमारत जर्जर होने के कारण वर्ष 2015 में छात्रावास बंद कर दिया गया।
इसके बाद से ही खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों की ओर से नई इमारत बनाने की मांग उठती रही है। छात्रावास बंद होने से यहां रहने वाले हॉकी, एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक और वालीबाल के खिलाड़ियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब निर्माण की तैयारी
30 दिसंबर 2025 को गुरुग्राम में आयोजित विकसित गुरुग्राम महारैली के दौरान विधायक मुकेश शर्मा ने नई खेल छात्रावास इमारत बनाने की मांग उठाई थी। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्माण कराने की घोषणा की थी। हालांकि, घोषणा के बाद लंबे समय तक काम शुरू नहीं हो सका और पुरानी इमारत भी नहीं तोड़ी गई।
अब खेल विभाग के अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश मिलने के बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। नई इमारत बनने से खिलाड़ियों को स्टेडियम परिसर में ही रहने की सुविधा मिलेगी और खेल अभ्यास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो सकेगा।
