यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gurugram News: घर में रखे पटाखों में आग लगने से धमाका, भरभरा कर गिरी छत, 6 लोग घायल
Gurugram News गुरुग्राम के गांव नखड़ौला के एक मकान में रखे पटाखों में आग लगने से बुधवार दोपहर इतना जबर्दस्त ...और पढ़ें

गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। गुरुग्राम के गांव नखड़ौला के एक मकान में रखे पटाखों में आग लगने से बुधवार दोपहर सवा तीन बजे इतना जबर्दस्त धामाका हुआ कि तीन कमरों की छत भरभरा कर गिर गई। आग लगने के साथ ही मलबे में दबने से छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही खेड़कीदौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की मदद से घायलों का रेस्क्यू कर आर्वी अस्पताल में पहुंचाया।
यहां से सभी घायलों को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। संकड़ी गलियों में मकान होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। पटाखों में आग लगने के कारण का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
आग लगने के बाद धमाका
जानकारी के मुताबिक, 40 वर्षीय भगवान दास पटाखों का काम करते हैं। घटना के वक्त उनके बेटे मनीष (20 वर्ष), तनुज (10 वर्ष), बेटी छवि (12 वर्ष), रिश्तेदार सतीश कुमार (40 वर्ष) और एक अन्य व्यक्ति कमरे में बैठे हुए थे। उसी दौरान कमरे में आग लगने के साथ ही जोरदार विस्फोट हो गया। घर के तीन कमरों की छत पूरी तरह ध्वस्त हो गई। घर के सभी सदस्य मलबे के नीचे दब गए। जांच के बाद पता चलेगा कि घर में रखे पटाखों के लिए लाइसेंस लिया गया था या नहीं। प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि भगवान दास बीड़ी बहुत पीता था। हो सकता है उस वजह से आग लगी हो।

आग में झुलसे घर के लोग
अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटाने के बाद ही धामके के सही कारण का पता चलेगा। आशंका है कि पटाखों में आग लगने से घर में रखे सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। खेड़कीदौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह का कहना है कि आग लगने से सभी झुलस गए हैं। साथ ही मलबे के नीचे दबने से काफी चोट भी है। घायल अभी बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।

मलबा हटाने में जुटी सिविल डिफेंस की टीम
सिविल डिफेंस के निदेशक (ट्रेनिंग) धर्मेंद्र फौजी और सूर्य यादव के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की टीम मलबा हटाने में जुट गई है। मौके तक कोई भी गाड़ी नहीं पहुंच सकती, इस वजह से मलबा हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मकान तक पैदल या साइकिल से ही लोग जा सकते हैं। ब्लास्ट से आसपास के तीन-चार मकानों में भी नुकसान हो गया है। दीवारों में दरार आने से लेकर खिड़कियां तक टूट गई हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि मकान में पटाखे बेचने के साथ साथ बनाने का काम भी होता था।
