गुरुग्राम [प्रियंका दुबे मेहता]। स्वाद की दुनिया में अगर हम घूमने निकलें तो हम एक से बढ़कर एक स्वादिष्ट व्यंजनों से मुखातिब होते हैं, लेकिन कभी-कभी हमें महंगे रेस्टोरेंट के व्यंजन से ज्यादा किसी गली की छोटी सी दुकान के स्वाद का चस्का लग जाता है। कुछ इसी तरह के स्वाद से भरपूर है गुरुग्राम के सिविल लाइन में विवेक अरोड़ा की सिविल लाइन वाला के नाम से स्वादिष्ट भाेजन की दुकान। इसके स्वाद की खुशबू अब सेलिब्रिटीज के घरों तक भी पंहुचने लगी है। जी हां, हाल ही में क्रिकेटर विराट कोहली के एक इंटरव्यू में कहा कि सिविल लाइंस के नक्शे पर छोले-भटूरे की दुकान को चमका दिया। यहां के जायके के दीवानों को विराट का वह इंटरव्यू भा गया, जिसमें उन्होंने अपनी मां के हाथ के राजमा चावल और सिविल लाइंस के छोले भटूरे को अपनी पसंद बताया। इसके बाद इस जगह के छोले-भटूरे के मुरीद और बढ़ गए।

संचालक को नहीं है लोकप्रियता की जानकारी

छोले भटूरे की दुकान के संचालक विवेक अरोड़ा का कहना है कि उन्हें तो पता ही नहीं था कि विराट कोहली के लिए उनके छोले भटूरे गए और उसकी तारीफ विराट ने अपने इंटरव्यू में की। ऐसे में न तो उनका रवैया बदला और न ही उनके भोजन में किसी प्रकार का बदलाव हुआ है। विवेक का कहना है कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक वे दुकान खोलते हैं और सारा सामान खत्म करके चार बजे बाद दुकान बंद कर देते हैं। ऐसे में शहर वासियों के लिए नाश्ते से लेकर लंच तक का बेहतर इंतजाम हो जाता है।

 खींचता है छोले भटूरे का स्वाद

सेक्टर-15 के सिविल लाइंस स्थित छोले-भटूरे की छोटी सी दुकान के आगे लोगों की लंबी कतार बताती है कि यहां के छोले भटूरों की खुशबू किस कदर फूड प्रेमियों को आकर्षित करती है। राह चलते मुसाफिर भी रुककर भोजन का स्वाद लेने को मजबूर हो जाते हैं। छोले भटूरे की हर बाइट में पनीर के स्वाद के साथ मसालों की खुशबू और छोले की तीखा स्वाद जिसमें हरा धनिया से लेकर मिर्च व अदरक के लंबे कटे पीस मिला होता है, लोगों की भूख बढ़ा देता है। यहां का खस्ता भटूरा आपको एक अलग स्वाद का अनुभव देगा। इस भटूरे के आटे को विशेष प्रकार से तैयार किया जाता है ताकि वह खस्ता हो।

मन लुभाती परांठों की वेराइटी

दुकान का नाम भले ही छोले भटूरे हो, लेकिन यहां पर राजमा चावल, दाल चावल, कढ़ी चावल, कुल्चे के साथ-साथ लजीज और कुरकुरे परांठे भी परोसे जाते हैं। यहां के तंदूरी परांठे आटे से बनाए जाते हैं। मूली, गोभी, आलू प्याज, लच्छा परांठे और पनीर के परांठों पर डाला मक्खन जैसे जैसे पिघलता है देखकर ही भूख बढ़ जाती है।

पहले खुद चखते हैं स्वाद

विवेक ने छोले भटूरे से लेकर तंदूरी परांठों की हर रेसिपी रखी है लेकिन दिन में जितनी बार भी छोले, सब्जी, दाल या अन्य आइटम तैयार होते हैं उनके मसालों व स्वाद का जायजा पहले वे खुद चखते हैं। अगर उसमें जरा भी कमी लगती है तो उस व्यंजन में सुधार कर फिर ही ग्राहकों को परोसा जाता है। इसके लिए कई बार लोगों को इंतजार बी करना पड़ जाता है लेकिन विवेक का कहना है कि बेहतरीन स्वाद देना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसे में वे स्वाद व सेहत के साथ कोई समझौता नहीं करते।

पारंपरिक मिठास के लिए गुड़ का डेजर्ट

तीखा व मसालेदार भोजन करने के बाद अक्सर मिठाई की तलाश होती है। ऐसे में यहां पर आपको खाने के बाद मिष्ठान के रूप में देशी गुड़ परोसा जाता है। विवेक के मुताबिक देने को वे अन्य मिष्ठान भी दे सकते हैं लेकिन देसी परंपरा को बरकरार रखने के लिए।

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Posted By: JP Yadav

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