गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। खेड़कीदौला टोल प्लाजा जनवरी में हटने वाला था। लेकिन कोविड संकट के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने एग्रीमेंट की समय सीमा 11 जनवरी 2023 से बढा़कर एक मार्च 2023 कर दी है। इस तरह नियमानुसार एक मार्च 2023 से एक्सप्रेस-वे रखरखाव कंपनी टोल वसूली बंद कर देगी। आगे रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआइ के पास ही रहेगी या किसी दूसरी कंपनी को दी जाएगी, इस बारे में फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

20 साल के लिए हुआ था एग्रीमेंट

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए 12 जनवरी 2003 को दिल्ली-गुड़गांव सुपर कनेक्टिविटी लिमिटेड (डीजीएससीएल) नामक कंपनी के साथ एनएचएआइ ने एग्रीमेंट किया था। 20 साल के लिए एग्रीमेंट किया गया था। निर्माण पूरा होने के बाद सिरहौल बार्डर और खेड़कीदाैला में टाेल प्लाजा बनाया गया था। ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सिरहौल टोल प्लाजा हटाने की मांग हर तरफ से उठने लगी थी। दैनिक जागरण ने इसके लिए अभियान चलाया था। अंतत वर्ष 2014 के दौरान टोल प्लाजा हटा दिया गया। इसके बाद से एक्सप्रेस-वे रखरखाव की जिम्मेदारी मिलेनियम सिटी एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी संभाल रही है।

शुरू में खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का दबाव नहीं था लेकिन धीरे-धीरे यह भी ट्रैफिक जाम का पर्याय बन गया। प्रतिदिन पीक आवर के दौरान टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। इसे देखते हुए इस टोल प्लाजा को भी हटाने की मांग चल रही है। उम्मीद है कि दो मार्च से लाखों लोगों को राहत मिल जाएगी। टोल प्लाजा हटाए जाने की कई बार घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक कर चुके हैं। इससे उम्मीद है कि एक मार्च के बाद टोल प्लाजा बंद हो जाएगा यानी टोल वसूली बंद हो जाएगी। बता देें कि टोल वसूली बंद होने से केवल हरियाणा के लोगों को ही नहीं बल्कि दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लाेगों को भी लाभ होगा। उन्हें जाम का झाम नहीं झेलना पड़ेगा।

कोविड के दौरान कंपनी को हुआ था नुकसान

वर्तमान में खेड़कीदौला टोल प्लाजा से प्रतिदिन औसतन 85 हजार वाहन निकलते हैं। इन वाहनों से प्रतिदिन औसतन 55 से 60 लाख रुपये टोल के रूप में वसूल किए जाते हैं। कोविड के दौरान वाहनों की संख्या में भारी गिरावट आ गई थी। वाहनों की संख्या पांच हजार तक पहुंच गई थी। इससे कंपनी को नुकसान हुआ था। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक निर्माण जामभुलकर कहते हैं कि कोविड की भरपाई के लिए एग्रीमेंट का समय कुछ दिनों के लिए बढ़ाया गया है। एक मार्च के बाद एग्रीमेंट खत्म हो जाएगा। आगे क्या होगा, वह नहीं बता सके।

इसे लेकर NHAI के पूर्व निदेशन एके शर्मा ने बताया कि एग्रीमेंट में साफ उल्लेख है कि रखरखाव कंपनी निर्धारित तिथि तक ही टोल वसूल करेगी। समय-सीमा के भीतर कंपनी ने कितना पैसा लगाया और कितना कमाया या उसका कितना नुकसान हुआ, इससे एग्रीमेंट के ऊपर कोई असर नहीं होगा। समय-सीमा के बाद कंपनी टोल वसूली नहीं कर सकती।

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Edited By: Abhi Malviya

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