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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gurugram news: दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार उत्पादक बनेगा भारत, मारुति सुजुकी के चेयरमेन भार्गव ने दिया बयान

By Aditya RajEdited By: Abhi Malviya
Published: Sat, 10 Dec 2022 11:20 AM (IST)

Gurugram news कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन RC भार्गव ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा ...और पढ़ें

खरखौदा बनेगा हरियाणा का सबसे बड़ा आटो हब
खरखौदा बनेगा हरियाणा का सबसे बड़ा आटो हब

गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पद्म भूषण आरसी भार्गव का मानना है कि भारत जल्द ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार उत्पादक देश बनेगा। इसके लिए मारुति सुजुकी सहित कई कार निर्माता कंपनियां उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत हैं। अकेले मारुति सुजुकी के ही चार प्लांट वर्ष 2030 तक सोनीपत के खरखौदा में चालू हो जाएंगे। चारों प्लांट में सालाना 10 लाख कारें तैयार होंगी।

खरखौदा बनेगा हरियाणा का सबसे बड़ा आटो हब

कारों के उत्पादन के हिसाब से खरखौदा हरियाणा का सबसे बड़ा आटो हब भी बनने जा रहा है। दैनिक जागरण से बातचीत में आरसी भार्गव ने कहा कि आटो मोबाइल सेक्टर का सबसे बड़ा हब चीन है। इसके बाद अमेरिका का नंबर आता है। तीसरे नंबर पर जापान और चौथे नंबर पर भारत है। जिस तरह से आटोमोबाइल सेक्टर में काम हो रहा है। उससे अगले कुछ वर्षों के दौरान देश तीसरा सबसे बड़ा हब बन जाएगा।

ऐसा नहीं है कि इस दिशा में केवल मारुति सुजुकी प्रयासरत है बल्कि आटो मोबाइल सेक्टर की कई कंपनियां प्रयासरत हैं। मारुति सुजुकी ने वर्ष 2025 तक खरखौदा में पहले प्लांट को चालू करने का लक्ष्य रखा है। इसमें सालाना ढाई लाख कारें तैयार होंगी। अगले ही साल यानी वर्ष 2026 तक दूसरा प्लांट भी चालू हो जाएगा। इसमें भी सालाना ढाई लाख कारें तैयार की जाएंगी। इस तरह वर्ष 2030 तक खरखौदा में चार प्लांट चालू हो जाएंगे। इस तरह केवल खरखौदा में ही सालाना 10 लाख कारें तैयार होंगी।

कार उत्पादन के हिसाब से यह हरियाणा में आटो मोबाइल सेक्टर का सबसे बड़ा होगा। गुरुग्राम में सालाना लगभग पांच लाख और मानेसर में सालाना साढ़े नौ लाख कारें तैयार होती हैं। गुजरात में सालाना साढ़े सात लाख कारों का उत्पादन होता है। इस तरह खरखौदा में सबसे अधिक कारें तैयार होंगी। इसी तरह आटो मोबाइल सेक्टर की कई कंपनियां अपना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है।

कोविड संकट के बाद भी नहीं रुका देश

आरसी भार्गव कहते हैं कि कोविड के रूप में देश के सामने बहुत बड़ा संकट आया था। इस संकट के बाद भी देश नहीं रुका। धीरे-धीरे देश इस संकट से पूरी तरह बाहर निकल गया। फिर से देश पहले की तरह हर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह दर्शाता है कि भारत के भीतर कितनी क्षमता है। हर सेक्टर बेहतर से बेहतर करने की दिशा में प्रयासरत है। कुछ साल पहले तक काफी चीजें देश आयात करता था।

उन्होंने आगे कहा कि आज अधिकतर चीजें निर्यात कर रहा है। आटो मोबाइल ही नहीं बल्कि आइटी, गारमेंट सहित कई सेक्टर में देश का पूरी दुनिया में डंका बज रहा है। इससे पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों के दौरान ही देश विकसित राष्ट्रों की श्रेणी मेें दिखाई देगा।

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