गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। चंडीगढ़ की तर्ज पर साइबर सिटी को नो हांक जोन बनाया जाएगा। इसके ऊपर काम शुरू करने के लिए सड़क सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में प्रारूप तैयार किया जाएगा। अगले महीने से जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा। सबसे पहले शहर के किसी एक सड़क का चयन किया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे सभी सड़कों पर लागू किया जाएगा। इससे भी हादसों के ऊपर काफी लगाम लगेगी। अनावश्यक तरीके से हार्न बजाने पर एक हजार रुपये का चालान करने का प्रविधान है।

जिले में हर साल सड़क हादसों की वजह से औसतन 400 से अधिक लोगों की मौत होती है। इस साल अब तक साढ़े तीन सौ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अनावश्यक हार्न बजाने से भी हादसे हो रहे हैं। खासकर पैदल चलने वाले, साइकिल और बाइक चलाने वाले अचानक हार्न बजाने से घबराकर गिर जाते हैं। हाईवे या अन्य सड़कों पर अचानक हार्न बजाने से कुछ कार चालक भी घबरा जाते हैं।

हॉर्न बजाने से होती है घबराहट

घबराहट में कार असंतुलित होकर डिवाइडर से या फिर किसी अन्य वाहन से टकरा जाती है। इसे देखते हुए साइबर सिटी को नो हांक जोन बनाने का मन जिला प्रशासन ने बनाया है। सड़कों पर जगह-जगह नो हांक के बोर्ड लगाए जाएंगे। बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम को दी जाएगी। नो हांक जोन में अनावश्यक हार्न बजाने पर कार्रवाई की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस की रहेगी।

जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा

साइबर सिटी को नो हांक जोन बनाने को लेकर जहां सख्ती बरती जाएगी वहीं लोगों को जागरूक करने के ऊपर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए आरडब्ल्यूए से लेकर विभिन्न संगठनों के साथ संवाद किया जाएगा। कालेजों के विद्यार्थियों से संवाद किया जाएगा। सभी से कहा जाएगा कि अनावश्यक हार्न बजाने से जहां ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है वहीं हादसे भी हो रहे हैं। बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही हार्न बजाएं।

व्यक्ति और वाहन से दूर बजाएं हॉर्न

हार्न भी किसी वाहन या व्यक्ति के नजदीक आकर नहीं बल्कि कुछ दूरी से बजाएं। इससे हादसे नहीं होंगे। सरपंचों से भी संवाद किया जाएगा ताकि वे अपने गांव के लोगों को जागरूक कर सकें। गांवों में भी सड़क हादसे हो रहे हैं। गलियों में युवा न केवल अधिक तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं बल्कि अनावश्यक हार्न बजाते रहते हैं। इससे गलियों में खेल रहे बच्चे घबरा जाते हैं।

गुरुग्राम के जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि चंडीगढ़ में वाहन चालक अनावश्यक हार्न नहीं बजाते हैं। उसी तर्ज पर साइबर सिटी को भी नो हांक जोन बनाने का प्रयास होगा। इस महीने के अंत में आयोजित होने वाली सड़क सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक में प्रारूप को अंतिम रूप से दे दिया जाएगा। जनवरी से धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। सबसे पहले किसी एक सड़क का चयन किया जाएगा। पूरी उम्मीद है कि इस दिशा में सफलता मिलेगी। आम लोगों के सहयोग से साइबर सिटी को नो हांक जोन बनाया जाएगा।

Edited By: Geetarjun

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट