यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gurugram G20: प्रतापगढ़ फार्म हाउस के ग्रामीण परिवेश से विदेशी मेहमानों हुए आकर्षित, झज्जर में देखा मिनी भारत
जी-20 शिखर सम्मेलन के अंतर्गत गुरुग्राम के होटल लीला में एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप (एसीडब्ल्यूजी) की बैठक एक से तीन ...और पढ़ें

गुरुग्राम [यशलोक सिंह]। जी-20 शिखर सम्मेलन के अंतर्गत गुरुग्राम के होटल लीला में एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप (एसीडब्ल्यूजी) की बैठक एक से तीन मार्च तक चली। चार मार्च का दिन इस बैठक में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए भ्रमण का रहा। जब यह मेहमानों झज्जर में स्थित प्रतापगढ़ फार्म में पहुंचे तो उनके आनंद की कोई सीमा नहीं रही।
मेहमानों ने कहा कि उन्हें यहां के ग्रामीण परिवेश वाला वातावरण अत्यंत आकर्षक लगा। यहां की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता बड़ी मनोहारी है। फार्म परिसर में स्थित नर्सरी में लगे विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों के प्रति भी मेहमानों ने अपनी रुचि दिखाई। बैलगाड़ी पर भ्रमण से लेकर बैलों द्वारॉ खेतों की जुताई करने का भी मेहमानों ने अनुभव लिया। यहां मेहमानों के लिए दोपहर का खाना विशेष रहा। इन्हें हरियाणवी व्यंजन परोसे गए। विदेशी मेहमानों को बस द्वारॉ दोपहर लगभग एक बजे प्रतापगढ़ फार्म में ले जाया गया। जहां से सभी शाम को लगभग साढ़े चार बजे निकले। पूरे समय तक सभी मेहमान फार्म परिसर में भ्रमण करते रहे। यहां स्थित विभिन्न प्रकार की विशेषताओं को देखते रहे। उनके लिए यह सब कुछ नया अनुभव रहा।
मैजिक शो, ऊंट की सवारी, बाजरॉ कूटने और तीरंदाजी का उठाया लुत्फ
प्रतापगढ़ फार्म में भ्रमण के लिए पहुंचे विदेशी मेहमानों ने मैजिक शो के प्रति भरपूर उत्साह दिखाया। राजस्थान से आए जादूगर गुफाज अली का कहना है कि जी-20 जैसे बड़े शिखर सम्मेलन में आए विदेशी मेहमानों के समक्ष अपनी कला को दिखाना सुखद अनुभव रहा। इतने बड़े मंच पर शो दिखाना यादगार बन गया है। इनके हुनर की वीडियो भी मेहमानों ने बनाई। वह इनके पास बैठकर जादू का हुनर देखा। ऊंट की सवारी करने का भी क्रेज विदेशी मेहमानों में खूब दिखा। कुछ मेहमानी ने तीरंदाजी और बाजारॉ कूटने के काम में भी अपना हाथ आजमाया।
चारपाई और मूढे बनते देखा
विदेशी मेहमानों ने प्रतापगढ़ फार्म में कारीगरों द्वारॉ मौके पर ही चारपाई और मूढ़े बनाने की कला का प्रदर्शन किया। विदेशी प्रतिनिधिमंडल में शामिल इंडोनेशिया की महिला ने चारपाई बनाने की कला को सीखने को प्रयास किया। इसके बाद कुछ अन्य विदेशी मेहमानों ने ऐसा किया। वहीं हथकरघा पर चादर बनते इन्होंने देखा। इसके बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मूढ़े को बनता देख सभी काफी प्रभावित हुए। कहा कि यह चेयर को अद्भुत है। पर्यावरण की दृष्टि से भी उन्होंने हस्तशिल्प को हितकारी बताया। मेहमानों ने इनके वीडियो बनाए और कहा कि अपने देश में इसे शुरू करने की सलाह भी देंगे।
