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Ram Mandir: मेरे राम आए हैं... देश के पांच लाख मंदिरों में होगा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण

अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण देश के पांच लाख मंदिरों में एलईडी के माध्यम से कराया जाएगा। प्रसारण के दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन भी चलता रहेगा। अधिक से अधिक रामभक्त मंदिरों में सामूहिक रूप से बैठकर प्राण प्रतिष्ठा देख सकें इसके लिए छह लाख गांवों में एक से 15 जनवरी तक संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

By Aditya RajEdited By: GeetarjunPublished: Wed, 20 Dec 2023 06:26 PM (IST)Updated: Wed, 20 Dec 2023 06:26 PM (IST)
Ram Mandir: मेरे राम आए हैं... देश के पांच लाख मंदिरों में होगा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण
देश के पांच लाख मंदिरों में होगा रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण देश के पांच लाख मंदिरों में एलईडी के माध्यम से कराया जाएगा। प्रसारण के दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन भी चलता रहेगा। अधिक से अधिक रामभक्त मंदिरों में सामूहिक रूप से बैठकर प्राण प्रतिष्ठा देख सकें, इसके लिए छह लाख गांवों में एक से 15 जनवरी तक संपर्क अभियान चलाया जाएगा। 50 लाख कार्यकर्ता घर-घर जाकर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए लोगों को अक्षत यानी पीला चावल देंगे। लोगों को श्रीराम मंदिर का पोस्टर भी दिया जाएगा। उनसे आग्रह किया जाएगा कि वे नजदीक बड़े मंदिर में पहुंचकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हों।

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यह जानकारी विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में दी। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी राष्ट्रीय शौर्य के महापर्व का दिन है। 491 वर्षों के संघर्ष व लाखों लोगों के बलिदान के बाद यह शुभ दिन आया है।

134 वर्षों तक अदालतों में केस चला। पहला मामला 1885 में दर्ज कराया गया था। यह विश्व का सबसे लंबा ही नहीं बल्कि सबसे बड़ा आंदोलन है। श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए देश के 65 करोड़ रामभक्तों ने अपना योगदान दिया है।

इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि मंदिर निर्माण के प्रति लोग कितने उत्साहित हैं। 22 जनवरी को देश में दीपोत्सव मनाया जाएगा। मंदिरों से लेकर घरों तक में लोग दीप जलाएंगे। ऐसा लगेगा जैसे साल में दूसरी बार दीपावली हो।

राष्ट्रीय अपमान के प्रतीक बर्दाश्त नहीं

विहिप नेता डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद काशी से लेकर मथुरा तक का समाधान होगा। राष्ट्रीय अपमान के प्रतीकों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्रीराम मंदिर निर्माण से पूरी दुनिया के हिंदुओं में विश्वास पैदा हुआ है कि अब राष्ट्रीय अपमान के प्रतीक देश में कहीं दिखाई नहीं देंगे।

गुरुग्राम के 200 मंदिरों में लाइव प्रसारण

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का लाइव प्रसारण जिले के 200 मंदिरों में किया जाएगा। मंदिरों में लोग आकर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हों इसके लिए एक हजार टोलियां बनाई गई हैं। टोलियों में पांच हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। सभी तीन लाख से अधिक घरों में संपर्क करेंगे। पूरे हरियाणा में 30 हजार टोलियां बनाई गई हैं। इनमें एक लाख कार्यकर्ता शामिल किए गए हैं।

6725 गांव में संपर्क किया जाएगा। हर घर में अक्षत निमंत्रण दिया जाएगा। गुरुग्राम में 23 दिसंबर को अक्षत कलश यात्रा सेक्टर-22 स्थित श्री शक्ति मंदिर से शुरू होकर सदर बाजार के नजदीक श्री एसएन सिद्धेश्वर मंदिर तक पहुंचेगी। 24 दिसंबर को सभी बस्तियों के प्रमुख सिद्धेश्वर मंदिर से अपनी बस्तियों में ढोल नगाड़े के साथ पूजित अक्षत कलशों को लेकर जाएंगे।

पत्रकार वार्ता में वृंदावन के ब्रह्मानंद आश्रम के परमाध्यक्ष व कारसेवक रहे स्वामी ब्रहमोद्रानन्द सरस्वती, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विभागाध्यक्ष ईश्वर मित्तल, जिलाध्यक्ष अजीत यादव, अभियान के संयोजक एवं विहिप जिला मंत्री यशवंत शेखावत, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक जगदीश ग्रोवर, महानगर कार्यवाह एवं अभियान के सह संयोजक संजीव सैनी के अलावा अनुराग कुलश्रेष्ठ, प्रदीप अग्रवाल, शिक्षाविद डा. अशोक दिवाकर, संघ के प्रांत सह सेवा प्रमुख हरिश शर्मा, निखिलेश तिवारी, शरद जिंदल, हरिश भारद्वाज, अनिल कश्यप, अरविंद सैनी आदि उपस्थित रहे।


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