गुरुग्राम में वर्षा के बावजूद नवरात्र में उमड़ी भक्तों की भीड़, शीतला माता मंदिर में विशेष उत्साह
वर्षा के बावजूद शारदीय नवरात्र में गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ ...और पढ़ें

नवरात्र में उमड़ी भक्तों की भीड़ ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
वर्षा के बावजूद नवरात्र में मंदिरों में भक्तों की भीड़।
शीतला माता मंदिर में जयकारों और दुर्गा सप्तशती का पाठ।
मूल गर्भगृह में लौटेगी शीतला माता की मूर्ति, उत्साह।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। वर्षा की बूंदें भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकीं। शारदीय नवरात्र में देवी दर्शन के लिए गुरुवार को श्री शीतला माता मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी।
कतारों में लगकर श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर मां के जयकारों, घंट-घड़ियाल की ध्वनि और दुर्गा सप्तशती के पाठ से भक्तिमय बना रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
मूल गर्भगृह में लौटेंगी मां शीतला
नवरात्र के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। मंदिर में भोर पहर मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। व्रती महिलाओं ने मां को सोलह श्रृंगार की सामग्री और मिष्ठान अर्पित किए।
कई श्रद्धालुओं ने बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए। नवरात्र शुरू होने के बाद से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की कतारें लग रही हैं। जिले के साथ दूसरे क्षेत्रों से भी भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
शीतला माता मंदिर श्रद्धालुओं के लिए उत्साह का विषय
शीतला माता मंदिर से जुड़ी एक अहम जानकारी भी श्रद्धालुओं के लिए उत्सुकता का विषय है। पिछले करीब दस वर्षों से मंदिर के हाल में विराजमान मां शीतला की मूर्ति को जल्द मूल गर्भगृह में स्थापित किए जाने की उम्मीद है। मंदिर के नीचे चल रहा निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी चैत्र नवरात्र में भक्त मूल गर्भगृह में माता के दर्शन कर सकेंगे। मान्यता है कि मां शीतला की पूजा से चेचक सहित अन्य बीमारियों से रक्षा होती है।
अन्य देवी मंदिरों में भी उमड़े भक्त
शहर के प्राचीन घंटेश्वर मंदिर, सिद्धेश्वर मंदिर, गौरी शंकर मंदिर, चिंतपूर्णी मंदिर, माता मंदिर और डीएलएफ स्थित साईं मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने मां भवानी की पूजा की।
मंदिरों में विशेष श्रृंगार और आरती हुई, जबकि घरों में भी भक्तों ने विधि-विधान से पूजन कर सुख-शांति की कामना की।
यह भी पढ़ें- Navratri Special: दुर्गा माता को कौन से रंग की चुनरी चढ़ाने से क्या फल मिलता है, जानें हर रंग का महत्व
